Thyroid Symptoms, Treatment and Types in Hindi | थायराइड का घरेलू इलाज




Thyroid Disorders, आजके आधुनिकरण बीमारियों का चपेट बढ़ता जा रहा हैं । जिनमे Thyroid Disorders (Thyroid Disorders) भी प्रमुख है । एक अनुमान के तहत पुरुषो के अपेक्षा Thyroid Disorders महिलाओ में ज्यादा देखनो को मिल रही हैं । और रोगों के अपेक्षा Thyroid diseases in hindi के बारे में लोगो के बीच जागरूकता काफी कम देखनो को मिलती हैं । हमारा यह प्रयाश हैं की हम इस लेख के माध्यम से Thyroid Disorders के हर एक पहलू के बारे में आपको विस्तार से बताये

Thyroid Symptoms, Treatment and Types in Hindi




थायराइड क्या होता है? । Thyroid details in Hindi

Thyroid गले में स्थित एक ग्रंथि (gland) का नाम है । थायराइड ग्रंथि थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है, जो की हमारे शरीर के आवश्यक ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता को नियंत्रित करती हैं । इसके अलावा थायराइड ग्रंथि बॉडी के कई तरह के metabolic processes* को भी control करने के काम आता है।
यह गर्दन में श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यंत्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है। इसका आकार तितली जैसा होता है।

थायराइड की समस्या । Thyroid Problem in Hindi

Thyroid disease in hindi, थाइराक्सिन नामक हार्मोन्स के असंतुलन के कारण थायराइड की समस्या उत्पन होती है। थाइराक्सिन हार्मोन का कम ज्यादा होना ही इस बीमारी का कारण है। अगर हार्मोन कम होने लगता है तो आपके शरीर का मेटाबोलिज्म बहुत तेज हो जाता है और आपकी ऊर्जा बहुत जल्दी खर्च हो जाती है। अगर बढ़ जाए तो शरीर की मेटाबोलिज्म प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में शरीर में ऊर्जा बननी कम हो जाती है और थकान तथा सुस्ती बढ़ जाती है।

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Thyroid Types in Hindi। थायराइड के प्रकार

Types of Thyroid in Hindi, थायराइड रोगियों में मुख्यतः दो ही प्रकार की थायराइड की समस्या देखनो को मिलती हैं ।

1. Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म / अतिगलग्रंथिता ) :-
जरुरत से अधिक थाइराक्सिन नामक हार्मोन्स का प्रोडक्शन होना
2. Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म / अवटु-अल्पक्रियता):
जरुरत से कम थाइराक्सिन नामक हार्मोन्स का पैदा होना

Thyroid Causes in Hindi। थायराइड होने के कारण

Thyroid Disorders के कई कारण हो सकते हैं। …

थायरायडिस :- यह सिर्फ एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि (घेंघा) है, जिसमें थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम हो जाती है।

ह्य्पोथालमिक रोग :-थायराइड की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है क्यों कि यह थायरायड ग्रंथि हार्मोन को उत्पादन करने के संकेत नहीं दे पाती।

विकिरण थैरेपी :-सिर, गर्दन और चेस्ट की विकिरण थैरेपी के कारण या टोंसिल्स, लिम्फ नोड्स, थाइमस ग्रंथि की समस्या या मुंहासे के लिए विकिरण उपचार के कारण्‍ा।

अधिक दवाओं का सेवन :- बेवजह दवाओं का सेवन जैसे कैप्सूल, पाउडर और सोया प्रोटीन का सेवन भी थायराइड की समस्या को जन्म दे सकता है.

आयोडीन की कमी :-नमक आयोडीन का एक मुख्य स्रोत है । अगर हम अपने खानपान में आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग नहीं करते अथवा कम करते हैं तो
थायराइड की समस्या उत्पन हो सकती है

चिंता या तनाव :- जैसे कहावतों में कहा गया हैं चिंता “चिता” के समान होती हैं यह बिलकुल सच हैं अगर आप व्यर्थ की चिंता कर अपने ऊपर तनाव के स्तर को बढ़ा रहें है तो इससे आपकी थायराइड ग्रंथि पर गलत प्रभाव पड़ता है जिससे ये हार्मोन का अधिक स्त्राव शुरू कर देती है.

ग्रेव्स रोग :-गलग्रंथि हार्मोन का आवश्यकता से अधिक उत्सर्जन होना ग्रेव्स रोग कहलाता हैं स्त्रियों में थायराइड का सबसे बड़ा कारण होता है यह ग्रेव्स रोग होता हैं ।

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अनुवांशिक :- थायराइड होने के कारण अनुवांशिक भी हो सकता हैं यानि की Thyroid Disorders आप से पहले आपके किसी परिवार के सदस्य को हो रखा हो तो आपको भी थायराइड होने की संभावनाएं हो सकती है

Thyroid Symptoms and solution in hindi

Thyroid Symptoms and solution in hindi

Thyroid Symptoms in Hindi। थायराइड होने के लक्षण

जैसा की हमने पहले देखा थायराइड दो तरह के होते हैं । आइये दोनों थायराइड से जुड़े लक्षणों के बारे में जाने

हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण (Hyperthyroidism Symptoms in Hindi)

– बालों का झड़ना।
– हाथ में कंपन होना।
– अधिक गर्मी व पसीना आना।
– वजन का घटना।
– खुजली व त्वचा का लाल होना।
– दिल का धड़कनों का बढ़ना।
– कमजोरी महसूस होना। आदि।

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण (Hypothyroidism Symptoms in Hindi ))

– चेहरे का फूल जाना।
– त्वचा का शुष्क होना।
– डिप्रेशन।
– वजन का अचानक बढ़ना।
– थकान का आना।
– शरीर में पसीने की कमी।
– दिल की गति का कम होना।
– अनियमित या अधिक माहवारी का होना।
– कब्ज का बनना आदि।

Thyroid Test in Hindi। थायराइड से जुड़े जाँच

फिजियोलाॅजी :-

फिजियोलाॅजी प्रक्रिया में थाइराइड को बढ़ाने वाले हार्मोन टी-3 और टी-4 की जांच की जाती है। इस जांच के बाद डाॅक्टर फिजियोलाॅजी करते हैं।

स्क्रनिंग प्रक्रिया :-

इस प्रक्रिया से यह पता लगाया जाता है कि थायराइड की समस्या बचपन से तो नहीं है। मुधमेंह के मरीजों में स्क्रीनिंग के जरिए ही पता लग पाता है थायरइड का।

टीएफटी :-

थाइराइड की जांच का तीसरा तरीका है टीएफटी। इस विधि के जरिए यह पता लगाया जाता है कि मरीज को हाइपरथाइराइड है या हाइपोथाइराइड है।

Thyroid Treatment in Hindi । थायराइड का घरेलू इलाज

अदरक :-

अदरक थायराइड के लिए राम बाण औषधि हैं , क्योंकि इसमें मौजूद एंटी-इंफलेमेटरी गुण और पोटेशियम, मैग्नीश्यिम आदि थायराइड की समस्या से निजात दिलवाने में काफी सहायक होते हैं

काली मिर्च :-

काली मिर्च , वजन और हाइपो-थायरॉयड दोनो को ही कन्ट्रोल करने में सक्षम हैं । क्योंकी काली मिर्च में पिपेराईन नामक रसायन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ।
जिन्हें हाईपोथायरॉइड की समस्या है, उन्हें सिर्फ 7 काली मिर्च कुचलकर 15 दिनों तक रोज सुबह एक ही बार में एक साथ खा लें, सकारात्मक परिणाम निश्चित देखनो को मिलेगा ।

दालचीनी और प्याज का रस:-

25 ग्राम शुद्ध दालचीनी लें यह जितनी तीखी हो उतना ही अच्छा रहेगा । इसे पीस कर चूर्ण बना लें और एक चुटकी चूर्ण प्याज रस में मिलाकर सेवन करें.! यह प्रयोग बासी मुंह सिर्फ 21 दिन तक करने से थाइरोइड सामान्य हो जाएगा ।

बाजरा और ज्वार का आटा :-

5 किलो आटे के साथ 1 किलो बाजरा का आटा और एक किलो ही ज्वार का आटा मिलकर इस आटे से बनी रोटियां खाने से आपको इस रोग में बेहद राहत मिलती है |

आयोडीन :-

पूरी दुनिया में ऑटोइम्यून कारणों से उत्पन्न होनेवाली थायरायड की समस्या को छोड़कर बांकी अधिकांश रोगियों में आयोडीन की कमी इस समस्या का मूल कारण है हालांकि आयोडाईज्ड नमक एवं प्रोसेस्ड भोज्य पदार्थों के कारण आज आयोडीन की कमी से उत्पन्न होनेवाली इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता हैं ।

सेलीनियम :-

थायराइड ग्रंथि में सेलीनियम उच्च सांद्रता में पाया जाता है इसे थायराइड-सुपर-न्युट्रीएंट भी कहा जाता है, यह थायराइड से सम्बंधित अधिकाँश एन्जायम्स का एक प्रमुख घटक द्रव्य है ,इससे थायराइड ग्रंथि की कार्यकुशलता नियंत्रित होती है।अत: भोजन में पर्याप्त सेलीनियम थायराइड ग्रंथि की कार्यकुशलता के लिए अत्यंत आवश्यक है जो अखरोट,बादाम जैसे सूखे लों में पाया जाता है।

Thyroid Yoga aasan । थायराइड के लिए योगासन

आज के समय योग एक प्रभावशाली माध्यम हैं सभी रोगों से मुक्ति पाने के लिए अतः योग के जरिए थाइराइड की भी समस्या से निजात पाया जा सकता है। आपको योग से जुड़े कुछ प्रमुख आसन जैसे भुजंगासन, ध्यान लगाना, नाड़ीशोधन, मत्स्यासन, सर्वांगासन और बृहमद्रा आदि करने से काफी लाभ मिलता है ।

Acupressure Point for Thyroid । थायराइड के लिए एक्युप्रेशर

थायराइड को एक्यूप्रेशर भी काफी असरदार है । एक्युप्रेशर में पैराथायराइड और थयरायड के जो बिंदू होते हैं वे पैरों और हाथों के अंगूठे के नीचे और थोड़े उठे हुए भाग में मौजूद रहते हैं । आपको इन बिंदुओं को बाएं से दाएं ओर प्रेशर यानि दबाना चाहिए। हर बिंदु को कम से कम तीन मिनट तक दबाएं। इस उपाय को हर रोज कम से कम दो बारी जरूर करें।

थायराइड रोगियों के लिए परहेज । Precaution for Thyroid in Hindi

आप जितना हो सके चावल, मैदा, मिर्च-मसाले, खटाई, मलाई, अंडा, अधिक नमक का सेवन बंद कर दें। आप नमक में सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।




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