Stop chewing tobacco in Hindi | तम्बाकू और गुटखा चबाना कैसे छोड़े


Stop chewing tobacco in Hindi, गुटखा, पान-मसाला व जर्दा धुंआरहित मादक पदार्थ हैं तम्बाकू में मादकता या उतेजना देने वाला मुख्य घटक निकोटीन (निकोटीन) मिला होता है जो की निकोटियाना प्रजाति के पेड़ के पत्तों को सुखा कर बनाई जाती है। तम्बाकू एक धीमा जहर है जो सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे धीरे करके मौत के मुँह मे धकेलता रहता है लोग जाने अनजाने मे तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते रहते है, अगर समय रहते इससे निजात नहीं पाया गया तो यह कब आप पर हावी हो जायेगा और आप पूरी तरीके से इसके गिरफ्त में आ जायेगे आपको पता भी नहीं चलेगा ।




Stop chewing tobacco Tips in Hindi

शुरुवाती दिनों में लोग इसे शौक के रूप में अपनाते हैं और आगे चलकर वही शौक लत मेँ परिवर्तित हो जाता है और तब नशा आनंद प्राप्ति के लिए नहीं बल्कि ना चाहते हुए भी किया जाता है । जब तक नशा ना करो तो आपका शरीर काम नहीं कर पाता है ये कितनी हानिकारक है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है की सरकार ने नशिले उत्पाद पर स्वास्थय संबंधी चेतावनी दी है – “chewing of tobacco is injurious to health” लेकिन लोग फिर भी इन चेतवानी को अनदेखा कर धरल्ले से इसका सेवन करते है | आज हम इस गंभीर विषय के प्रति लोगो में जागरूकता लाने के लिए तम्बाकू और गुटखा चबाना के दुष्टप्रभाव तथा तम्बाकू और गुटखा चबाना कैसे छोड़े इसके बारे में चर्चा करेंगे – आज की चिकित्सा प्रौद्योगिकी, एकीकृत समुदायों, और प्रभावी मनोवैज्ञानिक परामर्शो ने अब तम्बाकू और गुटखा छोड़ने के लिए नये और आसान तरीके निकाल लिए है। अगर आप भी इस लत से छुटकारा पाना चाहते है तो यहाँ कुछ Quit Drinking Alcohol Tips in Hindi बताने जा रहे हैं, जो आप को आसानी से शराब छोड़ने में मदद करेंगे ।

यहाँ पर बताये जा रहे किसी भी दवा को उपयोग में लाने से पहले किसी उचित चिक्तिसक की सलाह लेना जरुरी हैं क्यूंकि किसी भी दवा का परिणाम रोग की स्तिथि और व्यक्ति विशेष के अनुसार अलग हो सकती हैं




Side effect of chewing tobacco in Hindi | तम्बाकू और गुटखा चबाने के नुकशान

i) भारतीय चिकित्सा अनुसंधान (ICMR) की रिपोर्ट मे इस बात का खुलासा किया गया है कि पुरुषों में 50% और स्त्रियों में 25% कैंसर की वजह तम्बाकू है। इनमें से 90% मुंह के कैंसर हैं। धुएं रहित तम्बाकू में 3000 से अधिक रासायनिक यौगिक हैं, इनमें से 29 रसायन कैंसर पैदा कर सकते हैं।
ii) दुनिया में होने वाली हर 5 मौतों में से एक मौत तंबाकू की वजह से होती है।
iii) हर 8 सेकेंड में होने वाली एक मौत तंबाकू और तंबाकू जनित उत्पादों के सेवन से होती है।
iv) लगातार सेवन से आपके जबड़े पूरी तरह से नहीं खुलेंगे लम्बे समय तक इन्हे खाते रहने से आपके दांत, मसूड़े सब सड़ जाएंगे फिर अंत में कैंसर जिसका कोई इलाज नहीं है।
v) सफेद दाग, मुँह का नहीं खुल पाना जैसे रोग भी हो सकता है।
vi) इसके कारण हृदय के धमनियों में रक्त प्रवाह कम हो सकता है। हृदय रोग जैसे मायोकोर्डियल इनर्फाकशन तथा अनजाइना हो सकता है। रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ सकता है।
vii) साँस की बीमारी जैसे ब्रोंकाइटीस, दमा, तथा फेफड़ो का कैंसर हो सकता है। इसके अतिरिक्त इसका प्रभाव शरीर के स्नायुतंत्र में भी पड़ता है।
viii) तम्बाकू और गुटखा मानसिक बीमारी का एक आधार है। यह तंत्रिका तंत्र, लिवर और पेट की बीमारियों की वजह भी बन सकती है।

Causes of chewing tobacco in Hindi | तम्बाकू और गुटखा चबाने के कारण

अधिकतर लोग किशोरावस्था या युवावस्था मेँ दोस्तोँ के साथ सिगरेट, गुट्खा, जर्दा, आदि का शौकिया रूप मेँ सेवन करते है कभी दूसरों की देखा देखी, कभी बुरी संगत मे पडकर कभी मित्रो के दबाब में, कई बार कम उम्र मेँ खुद को बडा दिखाने की चाहत में तो कभी धुएँ के छ्ल्ले उडाने की ललक, कभी फिल्मों मे अपने प्रिय अभिनेता को धूम्रपान करते हुए देखकर तो कभी पारिवारिक माहौल का असर तम्बाकू उत्पादों की लत का कारण बनता है ।

Stop chewing tobacco Tips in Hindi | तम्बाकू और गुटखा चबाना कैसे छोड़े

विशेषज्ञ की मदद, जीवन शैली में परिवर्तन के साथ-साथ आहार में परिवर्तन और घरेलू उपचार एक व्यक्ति को तम्बाकू और गुटखा छोड़ने में मदद करते हैं। आज हम आपको Stop chewing tobacco में मददगार कुछ आसान घरेलू नुस्खे, आयुर्वेदिक व हर्बल दवाएं, होम्योपैथिक दवाएं तथा योगासन के बारे में बताएंगे। विभिन्न पद्धतियों में उपचार के साथ-साथ परामर्श और अल्कॉहॉलिक्स एनॉनिमस की मीटिंग how to quit chewing tobacco में कारगर साबित हो सकती हैं।




Stop chewing tobacco Ayurvedic Treatment in hindi | तम्बाकू और गुटखा छुड़ाने के आयुर्वेदिक दवा

i) सिंहपर्णी (Dandelion) व्यापक रूप से तम्बाकू और गुटखा चबाने के लक्षणों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। 5 से 10 मिनट के लिए एक कप पानी में 1 चम्मच सूखे सिंहपर्णी जड़ को उबालें। उसके बाद छान लें और कुछ महीने के लिए दिन में 2 या 3 कप इस चाय के पिएं। आप सिंहपर्णी के 500 मिलीग्राम कैप्सूल दिन में 2 या 3 बार ले सकते हैं। खुराक लेने से पहले, एक डॉक्टर से परामर्श करें।

ii) तम्बाखू को छोड़ने के लिए सहायक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी
सफेद मूसली – 50 ग्राम
माजुफल – 50 ग्राम
बहेड़ा चूर्ण – 50 ग्राम
ढाक का गोंद – 50 ग्राम
छोटी इलायची – 50 ग्राम
सुपारी – 50 ग्राम
लोघ्र – 50 ग्राम
प्रयोग:- सबको सूक्ष्म चूर्ण बनाकर, दुध्/पानी से आवश्क मात्रा में मिलाकर 250 मिलीग्राम की गोली बनाएं 1 से 2 गोली मुंह में रखकर चूसने से नशा छूट जाता है।

iii) एक पुडिया मे सूखे आँवले के टुकडे, इलायची, सौंफ, हरड के टुकडे रखेँ ताकि जब तलब लगे तो कुछ टुकडे मुँह में रखें और चबाते रहें इससे तलब (क्रेविंग) कम होती हैं ।

iv) 50 ग्राम सौंफ एवँ इतनी ही मात्रा मेँ अजवायन लेकर तवे पर भूने, थोडा नींबू का रस एवँ हल्का काला नमक डाल लेँ ल एक डब्बी में रखकर अपनी जेब में रख लें ल जब भी तम्बाकू और गुटखा आदि की तलब लगे तो कुछ दाने मुँह मेँ रख लेँ एवं चबाते रहे इससे तलब कम होगी ।

Stop chewing tobacco Homeopathic Treatment in hindi | तम्बाकू और गुटखा छुड़ाने के होम्योपैथिक दवा

i) आप होमियोपैथी की ‘सल्फर’ 200 शक्ति नामक दवाई ले सकते हैं यह तरल रूप में आपको बाजार में मिल जाएगी प्रतिदिन प्रातः सल्फर दवाई की एक बूँद अपनी जीभ में दाल लें लगातार तीन दिन ऐसा करने से आपकी तम्बाकू और गुटखा चबाने की ललक में कमी आएगी

ii) Tebacum 200 की 8 -10 गोली दिन मेँ दो बार मुंह मेँ डालकर चूसे Caladium 30 पावर की 7-8 गोली मुंह मेँ डालकर चूसने चाहिए- दिन मेँ तीन से चार बार इसका सेवन करने से व्यक्ति को तम्बाकू और गुटखा चबाने की ललक में कमी आती हैं ।
Stop chewing tobacco by Yogasan in hindi | तम्बाकू और गुटखा छुड़ाने के योगक्रिया
कुंजल क्रिया: नमक मिला गुनगुना पानी भर पेट पिया जाता है। बाद में इसकी उलटी कर दी जाती है। इससे पेट के ऊपरी हिस्से का शुद्धीकरण हो जाता है।

Stop chewing tobacco by Yogasan in hindi | तम्बाकू और गुटखा छुड़ाने के योगक्रिया

कुंजल क्रिया: नमक मिला गुनगुना पानी भर पेट पिया जाता है। बाद में इसकी उलटी कर दी जाती है। इससे पेट के ऊपरी हिस्से का शुद्धीकरण हो जाता है।

वस्ति : इस क्रिया के माध्यम से शरीर के निचले हिस्से की सफाई की जाती है। इसे एनिमा भी कहते हैं।

शंख प्रक्षालन : हल्का गुनगुना नमक मिला पानी पेट भरकर पीने के बाद भुजंगासन किया जाता है। इससे पेट शंख की तरह धुल जाता है। इसके बाद हरी पत्ती पालक, मूली, मैथी आदि का सेवन किया जाता है। इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है और पूरी पाचन क्रिया ठीक रहती है।

ज्ञान मुद्रा : इसे दिन में दो बार और कुंजल, बस्ती और अर्द्ध शंखप्रक्षालन हफ्ते में दो बार करने की सलाह दी जाती है। इन क्रियाओं को किसी योग प्रशिक्षक के सामने ही करें।

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