Pneumonia causes, symptoms & treatment in Hindi | निमोनिया का घरेलू इलाज


Pneumonia causes symptoms and treatment in Hindi , मानसून अपने साथ कई तरह की गंभीर बिमारीयां लाता हैं जिसमे निमोनिया (Pneumonia) जैसे गंभीर बिमारी भी प्रमुख हैं । वैसे तो यह बिमारी किसी भी आयु वर्ग के लोगो को अपने चपेट में ले सकती हैं लेकिन इस रोग से बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं ।




Pneumonia causes, symptoms & treatment in Hindi

हाल में वर्ल्ड हैल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) द्वारा किये गए रिसर्च से पता चला कि भारत में हर घंटे निमोनिया से 45 बच्चों की मौत होती है। यानी करीब हर मिनट हमारे देश में एक बच्चा निमोनिया की भेंट चढ़ जाता है। इसलिए समय रहते Pneumonia का इलाज बहुत जरुरी हैं ।
इस लेख के माध्यम से हम आपको निमोनिया से जुड़े कुछ अहम बाते बताने जा रहे है जो की हैं |
i) Pneumonia Details in Hindi ।
ii) Pneumonia Causes and reason in Hindi
iii) Pneumonia Signs and Symptoms in Hindi
iv) Pneumonia precaution and first aid in Hindi
v) Pneumonia treatment and Home remedies in Hindi

What is Pneumonia in Hindi | निमोनिया क्या हैं?

निमोनिया एक संक्रमण है जो कि फेफड़ों को प्रभावित करता है। Pneumonia एक इन्फ़ैकशन है जो कि बैक्टीरिया, वायरस और कवक से फैलता है। जिसमें फेफड़ों में हवा रहने के लिए बनी छोटी थैलीनुमा संरचनाओं में सूजन के साथ तरल पदार्थ या पीप इकठ्ठा हो जाता है, जिससे बलगम युक्त खाँसी, बुखार, ठिठुरन और साँस लेने में कठिनाई होने लगती है।
यह बीमारी आमतौर पर सर्दियों और बसंत के मौसम में होती है, और अक्सर सर्दी-जुकाम होने के बाद शुरु होती है। बड़े लोगो की तुलना में बच्चो में यह समस्या ज्यादा पाई जाती हैं क्यूंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता युवाओं की तुलना में कम होती है।
स्वस्थ व्यक्तियों में, निमोनिया साधारण बीमारी की तरह होता है और 2 से 3 सप्ताहों में ठीक हो जाता है। जबकि वृद्ध व्यक्तियों और अन्य रोगों से ग्रस्त लोगों में, रोग ठीक होने में 6 से 8 सप्ताह या अधिक लग सकते हैं।




Causes of Pneumonia in Hindi | निमोनिया का कारण

निमोनिया होने के कई वजह हो सकते हैं जो की है……
★ बैक्टीरिया
★वायरस
★ फंगस
इसके अतिरिक्त कुछ रसायनों और फेफड़े में लगी चोट के कारण भी निमोनिया होता है।

बैक्टीरिया से संबंधित निमोनिया का प्रमुख कारण स्ट्रेप्टोकॉकस निमोनिया (Steptococcus pneumonia) नाम का एक बैक्टीरिया होता है। जो की हमारे फेफड़ों को इन्फेक्टेड करके हमारी श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है, इसके अलावा और कई बैक्टीरिया – हीमोफीलस इन्फ्युएंज़ा, क्लैमाइडोफिला निमोनिया, मिकोप्लाज़्मा निमोनिया, स्टैफिलोकॉकस ऑरियस; मोराक्सेला कैटराहैलिस; लैगियोनेला न्यूमोफेला और ग्राम-निगेटिव बासिलि आदि शामिल है।

फ्लू वायरस की वजह से भी हमें निमोनिया हो सकता है। इसके अलावा अन्य वायरस – राइनोवायरस, कोरोनावायरस, इन्फ्यूएंज़ा वायरस,रेस्पिरेटरी सिन्साइटियल वायरस (आरएसवी), एडीनोवायरस और पैराइन्फ्युएन्ज़ा शामिल है।

बैक्टीरिया से होने वाला निमोनिया दो से चार सप्ताह में ठीक हो सकता है, जबकि वायरस से होने वाले निमोनिया को ठीक होने में अधिक समय लग जाता है।

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Symptoms of Pneumonia in Hindi | निमोनिया का लक्षण

निमोनिया के अधिकतर रोगियों में शुरुआत सर्दी और फ्लू के लक्षणों से होती है और बाद में तेज बुखार, ठिठुरन, और बलगम के साथ खांसी (नाक से पानी आना) आदि हो जाते हैं। अन्य लक्षणों में हैं:

★ फेफड़ों से निकला भूरा या हरा बलगम जो खाँसी से बाहर निकलता है।
★ तेज गति से साँस चलना और साँस लेने में कठिनाई।
★ दस्त, सिरदर्द, माँसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
★ थकावट और अत्यंत कमजोरी लगना।
★ असमंजस और प्रलाप की स्थिति।
★ मतली और उल्टी।
★ छाती में दर्द जो गहरी साँस लेने पर बढ़ जाये (प्लूरिटिक पेन)।
★ तेज हृदयगति और रात में पसीना आना।

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How to diagnosis Pneumonia | निमोनिया से जुड़े जाँच और परीक्षण

रोग का निर्धारण रोगी के चिकित्सीय इतिहास और लक्षणों का शारीरिक परीक्षण, जिसमें स्टेथोस्कोप की सहायता से आपकी साँस को सुना जाता है, के द्वारा किया जाता है।
★ छाती का एक्स-रे और सीटी- स्केन।
★ रक्त परीक्षण।
★ बलगम की जाँच।
★ ब्रोंकोस्कोपी और थोरासेंटेसिस

निमोनिया का घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – Treatment Of Pneumonia in Hindi

i)एक चम्मच सूखे मेथी दाने की चाय बनाकर उसमे नींबू निचोड़कर एक प्याला रोगी को पिलाएं। इस प्रकार दिन में चार बार यह चाय देने से निमोनिया का ज्वर जल्दी उतर जाता है।

ii)तुलसी निमोनिया में बहुत उपयोगी औषधि है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों का रस लेकर उसमें काली मिर्च पीस कर मिला लें और यह रस हर छह घंटे के अंतराल पर दें।

iii)सीने में दर्द और बेचैनी से राहत पाने के लिए, एक चम्मच लहसुन का रस ले सकते हैं ।

iv)पानी में लहसुन की कलियां डालकर उबालें। फिर उन कलियों को खिलाकर रोगी को वह पानी पिला दे। इसे निमोनिया ज्वर में आशातीत लाभ होता है।

v)एक पाव पानी में एक चम्मच लौंग डालकर पकाए और उसका चौथा भाग सुबह-शाम रोगी को सुबह-शाम दे। निमोनिया का ज्वर उतर जाएगा।

vi)बच्चों को निमोनिया बुखार होने पर पिपरी का रस, अदरक का रस, तुलसी का रस और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर दिन में तीन बार आधा-आधा चम्मच देने से आराम मिलता है।

vii)खाने में त्रिफला और अश्वगंधा के साथ थोड़ी अदरक और इलायची मिलाने से भी निमोनिया में काफी लाभदायक होता हैं।

viii)एक टेबलस्पून सेम के बीज, तिल और शहद मिलाएँ, इसमें एक चुटकी नमक डालें और पानी मिलाएँ। इसका दिन में दो बार सेवन करें। इससे सूजन कम होती है।

ix)हल्दी निमोनिया की आयुर्वेदिक औषधि है। हल्दी को गुनगुने पानी में मिलाएँ, इसे छाती पर लगा दें, अब गरम ईंट पर गरम किया हुआ कपड़ा लगा दें। इससे छाती में उत्तेजना होगी और निमोनिया की सूजन दूर होगी

x)एक बाल्टी गरम पानी को लेकर उसमें अपने घर पर पड़े तेल (जैसे लैवेंडर का तेल, नूरानी तेल ) डाल लें। यदि यह सब मौजूद नहीं है तो आप विक्स का प्रयोग भी कर सकते हैं। अपने बाथरूम का कमरा बंद कर लें और अपने सिर को तौलिये से ढक कर सांस अंदर लें। यह Pneumonia के उपचार में काफी लाभप्रद साबित हो सकता हैं

निमोनिया में सावधानी और परहेज

i)बच्चे के स्वस्थ रहने और उसके निमोनिया होने की संभावनाओं को कम करने के लिए सबसे जरुरी है कि उसका संपूर्ण टीकाकरण न्यूमोकोकल और मेनिंगोकोकल टीके, एच.आई.बी., डिप्थीरिया और काली खांसी के टीके, निमोनिया पैदा करने वाली सभी बीमारियों से बचाव के लिए बहुत जरुरी हैं।

ii)खांसते हुए अपने मुंह और नाक को ढक लें। जिससे की इसके बैक्टीरिया और वायरस न फैले

iii)शुद्ध छना हुआ पानी को ही पीने में उपयोग लाये ।

iv) लहसुन, अदरक, मिर्च, और प्याज फेफड़ों और श्वसन तंत्र के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और इसलिए नियमित रूप से लिए जाने चाहिये।

v)दूध और डेरी उत्पाद से दूर रहे , क्योंकि ये शरीर में म्यूकस बढ़ाने में सबसे अधिक योगदान करते हैं।

vi)ठंढी चीजों से दूर रहे और ऐसे पदर्थो से भी दूर रहे जिनमें कृत्रिम पदार्थ, जैसे कि परिरक्षक, रंग, स्वाद और यौगिक डाले गए हों।

vii) अपनी छाती के मुकाबले सिर को नीचे करते हुए लेटें। यह फेफड़ों से बलगम निकालने में सहायक होता है।

viii)गर्म, नम हवा में श्वास लेना चिपचिपे बलगम को निकालने में उपयोगी होता है, इसके लिए ह्यूमिडिफायर में गर्म पानी भरें और इसके गर्म धुएं में साँस लें।

ix) धूम्रपान त्यागें क्योंकि यह फेफड़ों को क्षति करता है जिससे संक्रमण की स्थिति और बिगड़ सकती है।

x) व्यायाम और योग निमोनिया के उपचार में काफी कारगर है —- जिसमे अर्द्ध चक्रासन और धनुरासन प्रमुख योग आसान हैं ।

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