Mahatma Gandhi Jayanti : Quotes, Biography, Essay, Speech in Hindi


Mahatma Gandhi Jayanti, महात्मा गाँधी मानव जाति के लिए मिशाल हैं । Mahatma Gandhi, को उनके विशेष उपलब्धियों के लिए भारत के राष्ट्रपिता के नाम से सम्मानित किया जाता रहा है । उन्होंने हमेशा अहिंसा और सत्य का पालन किया और लोगों से भी इनका पालन करने के लिये आग्रह भी किया । उन्होंने अपना समुच्चय जीवन अनुसाशित और सदाचार में गुजारा। वह सदैव परम्परागत भारतीय पोशाक ही पहनते थे। महात्मा गाँधी शाकाहारी थे कई बार तो उन्होंने ने आत्मशुद्धि के लिये कई दिनों तक उपवास भी रखे । Mahatma Gandhi, भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनीतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। ‘साबरमती आश्रम’ से उनका अटूट रिश्ता था। इस आश्रम से महात्मा गाँधी आजीवन जुड़े रहे, इसीलिए उन्हें ‘साबरमती का संत’ की उपाधि भी मिली।

Mahatma Gandhi Biography and Quotes in Hindi

महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबन्दर में हुआ था । उनके पिता का नाम करमचन्द गांधी एवं माता का नाम पुतलीबाई था| गांधीजी के पिता राजकोट के दीवान थे|उनकी माताजी धार्मिक विचारों वाली महिला थीं, जिनके विचारों का गांधीजी पर विशेष प्रभाव पड़ा|गांधीजी की प्रारम्भिक शिक्षा राजकोट में हुई थी| सन् 1881 में उन्होंने हाईस्कूल में प्रवेश ले लिया था| उनका विवाह तेरह वर्ष की अवस्था में कस्तूरबा बाई से हो गया था|सन् 1887 में गांधीजी ने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की और भावनगर के सामलदास कॉलेज में प्रवेश ले लिया, किन्तु परिवारवालों के कहने पर उन्हें अपनी शेष पढ़ाई पूरी करने के लिए इंग्लैण्ड जाना पड़ा|इंग्लैण्ड में उन्होंने अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी की| गांधीजी की 30 जनवरी को प्रार्थना सभा में नाथूराम विनायक गोडसे ने गोली मारकर हत्‍या कर दी। महात्‍मा गांधी की समाधि दिल्ली के राजघाट में है।2 oct को पूरे भारतवर्ष में हर्षो उल्लाश के साथ Mahatma Gandhi Jayanti celebrate किया जाता है । Mahatma Gandhi Jayanti के दिन पुरे भारतबर्ष में सरकारी और गैरसरकारी संसथानो में अवकाश रहता है ।

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महात्मा गांधी का संक्षिप्त परिचय । Mahatma Gandhi Biography in Hindi

(2 अक्तूबर, 1869 – 30 जनवरी, 1948)

1869: जन्म 2 अक्तूबर, पोरबन्दर, काठियावाड़ में – माता पुतलीबाई, पिता करमचन्द गांधी।
1876: परिवार राजकोट आ गया, प्राइमरी स्कूल में अध्ययन, कस्तूरबाई से सगाई।
1881: राजकोट हाईस्कूल में पढ़ाई।
1883: कस्तूरबाई से विवाह।
1885: 63 वर्ष की आयु में पिता का निधन।
1887: मैट्रिक पास की, भावनगर के सामलदास कॉलेज में प्रवेश लिया, एक सत्र बाद छोड़ दिया।
1888: प्रथम पुत्र सन्तान का जन्म, सितम्बर में वकालत पढ़ने इंग्लैण्ड रवाना।
1891: पढ़ाई पूरी कर देश लौटे, माता पुतलीबाई का निधन, बम्बई तथा राजकोट में वकालत आरम्भ की।
1893: भारतीय फर्म के लिये केस लड़ने दक्षिण अफ्रीका रवाना हुए। वहॉ उन्हें सभी प्रकार के रंग भेद का सामना करना पड़ा।
1894: रंगभेद का सामना, वहीं रहकर समाज कार्य तथा वकालत करने का फैसला – नेटाल इण्डियन कांग्रेस की स्थापना की।
1896: छः महीने के लिये स्वदेश लौटै तथा पत्नी तथा दो पुत्रों को नेटाल ले गए।
1899: ब्रिटिश सेना के लिये बोअर युद्ध में भारतीय एम्बुलेन्स सेवा तैयार की।
1901: सपरिवार स्वदेश रवाना हुए तथा दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीयों को आश्वासन दिया कि वे जब भी आवश्यकता महसूस करेंगे वे वापस लौट आएंगे।
1901: देश का दौरा किया, कलकत्ता के कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया तथा बम्बई में वकालत का दफ्तर खोला।
1902: भारतीय समुदाय द्वारा बुलाए जाने पर दक्षिण अफ्रीका पुनः वापस लौटे।
1903: जोहान्सबर्ग में वकालत का दफ्तर खोला।
1904: ‘इण्डियन ओपिनियन’ साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन आरम्भ किया।
1906: ‘जुलू विद्रोह’ के दौरान भारतीय एम्बुलेन्स सेवा तैयार की – आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया। एशियाटिक ऑर्डिनेन्स के विरूद्ध जोहान्सबर्ग में प्रथम सत्याग्रह अभियान आरम्भ किया।

Mahatma Gandhi Biography and Quotes in Hindi

Mahatma Gandhi Biography and Quotes in Hindi




1907: ‘ब्लैक एक्ट’ भारतीयों तथा अन्य एशियाई लोगों के ज़बरदस्ती पंजीकरण के विरूद्ध सत्याग्रह।
1908: सत्याग्रह के लिये जोहान्सबर्ग में प्रथम बार कारावास दण्ड आन्दोलन जारी रहा तथा द्वितीय सत्याग्रह में पंजीकरण प्रमाणपत्र जलाए गए। पुनः कारावास दण्ड मिला।
1909: जून – भारतीयों का पक्ष रखने इंग्लैण्ड रवाना नवम्बर – दक्षिण अफ्रीका वापसी के समय जहाज़ में ‘हिन्द-स्वराज’ लिखा।
1910: मई – जोहान्सबर्ग के निकट टॉल्स्टॉय फार्म की स्थापना।
1913: रंगभेद तथा दमनकारी नीतियों के विरूद्ध सत्याग्रह जारी रखा – ‘द ग्रेट मार्च’ का नेतृत्व किया जिसमें 2000 भारतीय खदान कर्मियों ने न्यूकासल से नेटाल तक की पदयात्रा की।
1914: स्वदेश वापसी के लिये जुलाई में दक्षिण अफ्रीका से रवानगी।
1915: 21 वर्षों के प्रवास के बाद जनवरी में स्वदेश लौटे। मई में कोचरब में सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की जो 1917 में साबरमती नदी के पास स्थापित हुआ।
1916: फरवरी बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में उद्घाटन भाषण।
1917: बिहार में चम्पारन सत्याग्रह का नेतृत्व।
1918: फरवरी – अहमदाबाद में मिल मज़दूरों के सत्याग्रह का नेतृत्व तथा मध्यस्थता द्वारा हल निकाला।
1919: रॉलेट बिल पास हुआ जिसमें भारतीयों के आम अधिकार छीने गए – विरोध में उन्होंने पहला अखिल भारतीय सत्याग्रह छेड़ा, राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान भी सफल हुआ। अंग़्रेजी साप्ताहिक पत्र ‘यंग इण्डिया’ तथा गुजराती साप्ताहिक ‘नवजीवन’ के संपादक का पद ग्रहण किया।
1920: अखिल भारतीय होमरूल लीग के अध्यक्ष निर्वाचित हुए – कैसर-ए-हिन्द पदक लौटाया – द्वितीय राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह आन्दोलन आरम्भ किया।
1921: बम्बई में विदेशी वस्त्रों की होली जलाई। साम्प्रदायिक हिंसा के विरुद्ध बम्बई में 5 दिन का उपवास। व्यापक अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ किया।
1922: चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद जन-आन्दोलन स्थगित किया। उनपर राजद्रोह का मुकदमा चला तथा उन्होने स्वयं को दोषी स्वीकार किया। जज ब्रूमफील्ड द्वारा छः वर्ष कारावास का दण्ड दिया गया।
1923: ‘दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह’ पुस्तक तथा आत्मकथा के कुछ अंश कारावास के दौरान लिखे।
1924: साम्प्रदायिक एकता के लिये 21 दिन का उपवास रखा – बेलगाम कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष चुने गए।
1925: एक वर्ष के राजनैतिक मौन का निर्णय।
1927: बारदोली सत्याग्रह सरदार पटेल के नेतृत्व में।
1928: कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन मे भाग लिया-पूर्ण स्वराज का आह्वान।
1929: लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया – ‘पूर्ण स्वराज’ के लिये राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह आन्दोलन आरम्भ।
1930: ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह – साबरमती से दांडी तक की यात्रा का नेतृत्व।
1931: गांधी इरविन समझौता – द्वितीय गोलमेज परिषद के लिये इंग्लैण्ड यात्रा – वापसी में महान दार्शनिक रोमां रोलां से भेंट की।
1932: यरवदा जेल में अस्पृष्यों के लिये अलग चुनावी क्षेत्र के विरोध में उपवास – यरवदा पैक्ट को ब्रिटिश अनुमोदन तथा गुरूदेव की उपस्थिति में उपवास तोड़ा।
1933: साप्ताहिक पत्र ‘हरिजन’ आरम्भ किया – साबरमती तट पर बने सत्याग्रह आश्रम का नाम हरिजन आश्रम कर दिया तथा उसे हमेशा के लिए छोडकर – देशव्यापी अस्पृष्यता विरोधी आन्दोलन छेड़ा।
1934: अखिल भारतीय ग्रामोद्योग संघ की स्थापना की।
1935: स्वास्थ्य बिगड़ा – स्वास्थ्य लाभ के लिये बम्बई आए।
1936: वर्धा के निकट से गाँव का चयन जो बाद में सेवाग्राम आश्रम बना।
1937: अस्पृष्यता निवारण अभियान के दौरान दक्षिण भारत की यात्रा।
1938: बादशाह ख़ान के साथ एन. डब्ल्यू. एफ. पी. का दौरा।
1939: राजकोट में उपवास – सत्याग्रह अभियान।
1940: व्यक्तिगत सत्याग्रह की घोषणा – विनोबा भावे को उन्होंने पहला व्यक्तिगत सत्याग्रही चुना।
1942: ‘हरिजन’ पत्रिका का पन्द्रह महीने बाद पुनः प्रकाशन – क्रिप्स मिशन की असफलता
भारत छाड़ो आन्दोलन का राष्ट्रव्यापी आह्वान
उनके नेतृत्व में अन्तिम राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह।
पूना के आगाखाँ महल में बन्दी जहाँ सचिव एवं मित्र महादेव देसाई का निधन हुआ।
1943: वाइसरॉय तथा भारतीय नेताओं के बीच टकराव दूर करने के लिये उपवास।
1944: 22 फरवरी – आग़ा ख़ाँ महल में कस्तूरबा का 62 वर्ष के विवाहित जीवन के पश्चात् 74 वर्ष की आयु में निधन।
1946: ब्रिटिश कैबिनेट मिशन से भेंट – पूर्वी बंगाल के 49 गाँवों की शान्तियात्रा जहाँ साम्प्रदायिक दंगों की आग भड़कीं हुई थी।
1947:
साम्प्रदायिक शान्ति के लिये बिहार यात्रा।
नई दिल्ली में लार्ड माउन्टबैटेन तथा जिन्ना से भेंट
देश विभाजन का विरोध
देश के स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त 1947 को कलकत्ता में दंगे शान्त करने के लिये उपवास तथा प्रार्थना
9 सितम्बर 1947 को दिल्ली में साम्प्रदायिक आग से झुलसे जनमानस को सांत्वना देने पहुँचे।
1948:
जीवन का अन्तिम उपवास 13 जनवरी से 5 दिनों तक दिल्ली के बिड़ला हाउस में – देश में फैली साम्प्रदायिक हिंसा के विरोध में।
20 जनवरी 1948 को बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा में विस्फोट।
30 जनवरी को नाथूराम गोडसे द्वारा शाम की प्रार्थना के लियेजाते समय बिड़ला हाउस में हत्या।




Mahatma Gandhi Quotes in Hindi | Mahatma Gandhi Speech in Hindi

➥ आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी.
➥ पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे.
➥ खुद वो बदलाव लाने की कोशिस कीजिये जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.
➥ आप आज जो करते हैं उसपर भविष्य निर्भर करता है.
➥ स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना
➥ जहाँ प्रेम है वहां जीवन है.
➥ तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो करो.
➥ व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है.
➥ मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है. अहिंसा उसे पाने का साधन.
➥ मेरा जीवन मेरा सन्देश है.
➥ सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है. वह आत्मनिर्भर है.
➥ सत्य कभी भी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचता जो उचित हो

महात्मा गाँधी के अनमोल विचार | Inspirational Thoughts of Mahatma Gandhi

➥ ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो. ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो.
➥ भगवान का कोई धर्म नहीं है.
➥ प्रार्थना माँगना नहीं है.यह आत्मा की लालसा है. यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है. प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है.
➥ पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो.
➥ थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है.
➥ मौन सबसे सशक्त भाषण है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी.
➥ अपने प्रयोजन में दृढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है.
➥ हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा.
➥ जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है. वह सबके भीतर है.
➥ विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है.
➥ जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है.
➥ मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ.
➥ ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं
➥ क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं.
➥ गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न में निहित है, ना कि उसे पाने में.
➥ यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है.

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2 comments

  • Lawrence

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