Khansi ka gharelu dawa aur ilaj




Khansi (खांसी) वैसे तो कोई ऐसी गभीर समस्या नहीं है जिससे घबराया जाये । फिर भी इसे नजरंदाज करना ठीक नहीं। आयुर्वेद, होम्योपैथी और योग आदि में ऐसे तमाम तरीके और दवाएं हैं, जिनसे खांसी को काबू में किया जा सकता है।

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Khansi ka gharelu dawa | Khansi Home remedies in Hindi




क्या है खांसी | What is Khansi

यह एक ऐसी समस्या है जो की फेफड़ों, सांस की नली या गले में इंफेक्शन की वजह से होती है। जिन्हे बहुत खान्सी आती है और रुकने का नाम नहीं लेती। ऐसे लोगों को स्वांस अथवा दमा जैसी तकलीफ हो सकती है, लीवर, पैक्रियाज, स्प्लीन तथा  सिग्मायड कोलन की इन्फ्लेमेटरी कन्डीशन के कारण भी खान्सी होती है

कुछ लोगों को लगता है कि खांसी मुंह या नाक की बीमारियों की वजह से ही होती है, यह अवधारणा बिल्कुल गलत है।

ख़ासी होने के कारण | Reason of Khansi

वैसे तो ख़ासी होने के कई कारण हो सकते है, पर निचे दिए गये कुछ  मुख्य कारण है जिनसे यह समस्या उत्पन हो सकती है :

1) मौसम में अचानक बदलाव होने के कारण
2) अचानक गरम और ठंडा खाना खाने के कारण
3) ठण्ड के मौसम में केला या दही खाने के कारण
4) Viral infection होने के कारण
5) Allergy होने के कारण भी ख़ासी होती है
6) दमा के मरीज को भी ख़ासी की शिकायत हो सकती है
7) गले में इंफेक्शन, टॉन्सिलाइटिस, फेरनजाइटिस, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का इंफेक्शन, निमोनिया, हृदयरोग आदि की वजह से भी खांसी हो सकती है।
8) कई बार एसिडिटी की वजह से भी खांसी होती है, क्योंकि पेट में बना एसिड ऊपर चढ़कर सांस की नली में चला जाता है। इस मामले में एसिड का इलाज जरूरी है, न कि खांसी का।
9) दिल का बायां हिस्सा बड़ा हो जाए या फेफड़ों की नसों का प्रेशर ज्यादा हो तो भी खांसी होने लगती है। इसे हार्ट का अस्थमा कहते हैं।
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Khansi ka gharelu dawa

Khansi ka gharelu dawa | Khansi Home Remedies

खांसी के प्रकार एवं उपचार | Types of Khansi and treatment

सामान्य खांसी,सूखी खांसी (Dry Cough), बलगम वाली खांसी, काली खांसी और दमे से होने वाली खांसी।

ख़ासी की दवा और इसका इलाज | Khansi ki Dawa aur ilaj

गले की खरास या ख़ासी होने पर इसका तुंरत इलाज किया जाये तो यह कुछ ही दिनों में ठीक हो सकता है | निचे दिए गये Khansi ke gharelu nuskhe aur dawa का उपयोग करके इससे निजात मिल सकता है |
1) दूध और हल्दी – रात को सोने से पहले थोड़े गरम दूध में 1/2 चमच्च घी और 1/3 चमच्च हल्दी को मिला कर पीने से काफी लाभ मिलता है
2) अदरक और गुड़ – अदरक को निचोड़ कर 1/2 चम्च उसका रस निकल ले और उसे गुड़ के साथ में मिला कर दिन में 2 बार लिया करें | गुड़ जमे हुए ख़ासी को बहार निकलने में मदद करता है |
3) लौंग – अगर रात को सोने के समय ख़ासी ज्यादा परेशान करे तो, लौंग को ले कर मुह में रख कर धीरे धीरे चबायें, ऐसा करने से ख़ासी आनी बंद हो जाएगी |
4) हल्दी, घी, अदरक और चीनी – इसका मिश्रण बना कर गरम होने के लिए गैस में धीमी आंच में चढ़ा दें | अब उसमें 1 चमम्च घी डालें और अदरक की एक छोटी टुकड़ी, 1/2 चमच्च हल्दी का चूर्ण और 1/2 चमम्च चीनी दाल कर 3 minute तक उसे पकाये | अब उसे उतर कर थोडा ठन्डे होने दे और फिर उसे पूरा खा जायें | इस प्रक्रिया को सप्ताह में कम से कम 3 बार दोहराया करें |
5) तुलसी की चाय – कुछ तुलसी के पत्ते को तोड़ कर उसे खौलते दूध से बने चाय में दाल कर 2 minute तक boil करें और गरमा गरम पिया करे | दिन में 2-3 बार पीने से काफी लाभ मिलता है |
6 ) दालचीनी और मधु – 1/4 चम्च दालचीनी पाउडर  को 1/2 चमम्च सुद्ध मधु के रस में पिला कर दिन में एक बार पिया करें | इससे भी सूखे ख़ासी में लाभ मिलता है |
7) तुलसी के पत्ते और मधु – यह एक आयुर्वेदिक इलाज है जिससे ख़ासी छु मंतर हो जाती है | इसके लिए आप कुछ तुलसी के पत्ते को साबुत ले और 1 चमच्च मधु  में मिला कर पूरा खा जायें | इसे daily कम से कम 5 दिनों तक खाने बाद काफी अंतर खुद महसूस करें |
8) दूध और मधु – रात को सोने के पहले हलके गरम दूध में 2 चमच्च मधु मिला कर पिया करे | इसे लगातार 5 से 7 दिनों तक पिये और अंतर देखे |
9) काली मिर्च की चाय – यह एक आयुर्वेदिक उपचार है – चुटकी भर काली मिर्च (black pepper) को दूध के बने चाय में दाल कर 2-3 minute तक boil करे और फिर धीरे धीरे पि जाये | इस विधि को दिन में 2 से 4 बार पिया करें |
10) Grilinctus Medicine – इसके अलावे Grilinctus dawa का भी इस्तेमाल कर सकते है |




सूखी खांसी के लिए घरेलू नुस्खे | Home Remedies For Dry Cough

1 )  सेंधा नमक की छोटी-सी डली को आग पर रखकर गर्म करें और एक कटोरी पानी में डालकर बुझा लें। ऐसा पांच बार करके यह पानी पी लें। दिन में दो बार करें।
2 ) तुलसी, काली मिर्च व अदरक से बना काढ़ा पीएं।
3 ) देसी घी में बना बेसन का पतला-पतला गर्म हलवा खाएं।
4 ) आधा चम्मच अदरक का रस शहद में मिलाकर लें। शहद जरूरत के मुताबिक ले सकते हैं।
5 ) मुलैठी की छोटी सी-डंडी लेकर धीरे-धीरे चूसें। दिन में जब खांसी आए, तब करें।
6 ) नमक के पानी के गरारे करने और उसी गर्म गिलास से गले को सेंकने से फायदा होता है।
7 ) दिन में दो बार गुनगुने दूध के गरारे करें। गरारे करने के बाद दूध फेंक देना है।
8) रात को गर्म चाय या दूध के साथ आधा चम्मच हल्दी फांक लें।

बलगम वाली खांसी की दवा  | Balgam ki Khansi 0ki dawa

1 ) चार दाने काली मिर्च घी में भूनकर सुबह, दोपहर व शाम को लें।
2 ) दिन में खाना खाने के बाद एक कप गर्म पानी पी लें, तो गले में चिकनाई नहीं जमेगी।
3 ) चार दाने काली मिर्च, एक चम्मच खसखस के दाने व चार दाने लौंग को गुड़ में मिलाकर गर्म करें। इसके तीन हिस्से कर लें। दिन में तीन बार लें।
4 ) सुबह उठकर खाली पेट गर्म पानी में फिटकरी पाउडर डालकर गरारे करें।
5 ) रात को सोते समय एक बताशे में काली मिर्च का एक दाना डालकर खा लें।
6 ) तुलसी पांच पत्ते, लौंग के तीन नग, अदरक व थोड़ी-सी गिलोय व चार दाने काली मिर्च को आधा कटोरी पानी में उबाल लें। गुनगुना होने पर दो चम्मच शहद मिलाकर पी लें।
7 ) सात से दस तुलसी के पत्तों का रस ले लें और इसमें शहद मिलाकर चाटें। तुलसी के पत्तों की चाय बना लें।
8 ) क्या छोटीपीपली, काली मिर्च, सौंठ व मुलैठी की बराबर मात्रा लेकर चूर्ण बनाकर रख लें। चौथाई चम्मच शहद के साथ दिन में दो बार चाटें।
9 ) शाम के समय एक चौथाई चम्मच हल्दी को गर्म करके उसमें शहद डालकर लें। उसके बाद एक घंटे तक पानी न पीएं। ऐसा तीन-चार दिन तक कर सकते हैं।
10 ) बच्चों को खांसी हो तो चौथाई कटोरी पानी में पान का पत्ता व थोड़ी सी अजवायन डालकर उबाल लें। पानी आधा रहने पर पत्ता फेंक दें। पानी में चुटकी भर काला नमक व शहद मिलाकर रख लें। इसी में से दिन में दो-तीन बार पिलाएं।
11 ) विक्स, नीलगिरी का तेल, यूकेलिप्टिस का तेल या मेंथॉल ऑइल को गर्म पानी में डालकर उसकी भाप दिन में दो-तीन बार लें।

जुकाम, बुखार के साथ खांसी | khansi with fever and jukham

1 ) तुलसी के पत्तों की चाय पीएं।
2 ) एक तोला कलौंजी भूनकर गुड़ में मिलाकर लें।
3 ) नागवल्लभ रस की एक गोली पान के पत्ते में लपेट लें। दिन में तीन बार लें।
4 ) कफकेतु रस की एक गोली को आधा चम्मच अदरक के रस के साथ दिन में दो बार लें।
5 ) एक तोला नीम की छाल, दो छोटे टुकड़े गिलोय, चार दाने काली मिर्च, दो नग छोटी पीपली व बिना बीज के चार मुनक्का को कूटकर महीन कर लें। गुलाब जल के साथ घोंटकर गोली बना लें। एक गोली दिन में दो-तीन बार गर्म पानी से फांकें।

घरघराहट वाली खांसी

1 ) नमक के पानी के गरारे करने और उसी गर्म गिलास से गले को सेंकने से फायदा होता है।
2 ) तुलसी, काली मिर्च व अदरक से बना काढ़ा पीएं।
3 ) सरसों के तेल को गर्म करके रात को छाती पर मलें। इसके बाद रुई या गर्म कपड़ा छाती पर रख दें।

Khansi ke gharelu nuskhe aur dawa के साथ – साथ हम योग की कुछ आसनो को करके खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते है
योग (Yoga)
– कुंजल क्रिया, ताड़ासन, महावीरासन, पवनमुक्तासन, भुजंगासन और मंडूकासन करें।
– अनुलोम-विलोम और कपालभाति प्राणायाम करें। प्राणायाम धीरे-धीरे करने हैं। लंबी और गहरी सांस लें।
– खांसी अगर जुकाम और बुखार के साथ हो तो दूसरे यौगिक अभ्यास न करें। सिर्फ गहरी सांसें लें। उज्जयी प्राणायाम करें।

***Instruction – हिदायत

Khansi ke gharelu nuskhe aur dawa के साथ साथ हमे कुछ परहेज भी बरतने की जरुरत है
यह न खाएं :
– कोल्ड ड्रिंक, ठंडा पानी और दही के इस्तेमाल से बचें।
– फ्रिज में रखी चीजें व चॉकलेट न खाएं।
– एकदम गर्म चीज खाकर ठंडा पानी न पीएं।
– तली-भुनी व खट्टी चीजें, सॉस, सिरका, अचार, अरबी, भिंडी, राजमा, उड़द की दाल, खट्टे फल और केला न लें।
यह खाएं 
-गुनगुना पानी पीएं।
-तुलसी व अदरक की चाय ले सकते हैं।
-दूध में सौंठ या हल्दी डालकर पीएं।
-शहद, किशमिश, मुनक्का लें। शुगर वाले एक-दो अंजीर पीसकर ले लें।

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