Insomnia: Causes, symptoms, and treatments in Hindi | अनिद्रा के उपाय


Insomnia: Causes, symptoms, and treatments in Hindi (अनिद्रा के कारण, लक्षण और इलाज), नींद की कमी होना या निद्राहीनता की स्थिति को आधुनिक चिकित्सा में इन्सोम्निआ अथवा स्लीप डिसओर्डर कहते हैं। अनिद्रा कोई गंभीर बिमारी नहीं अपितु यह हमारे खराब जीवनशैली का परिणाम है। भागदौड़ और तनाव भरी दिनचर्या से नींद न आने की समस्या आम है, मगर इसे अनदेखा करना ठीक नहीं है। शरीर की क्रियाओं के संतुलित संचालन हेतु किसी भी व्यक्ति के लिए 7-8 घंटे की नींद बहुत ही आवश्यक हैं। अनिद्रा से मस्तिष्क को वांछित आराम नहीं मिल पाता है जिससे दैनिक गतिविधियों में बाधा पडती है।




Insomnia in Hindi | अनिद्रा या उन्निद्र रोग क्या हैं?

अनिद्रा या उन्निद्र रोग को स्लीप डिसओर्डर कहते हैं। अनिद्रा रोग नींद की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को प्रभावित करता है। इससे प्रभावित व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से थका हुआ और निस्तेज महसूस करता है । मनुष्य के शरीर में नींद का वास्तविक केन्द्र मस्तिष्क के अन्दर स्थित है जिसका काम समय पर सुला देना है। जागते समय इंसान का शरीर का लगभग हर अंग काम करता है और लगातार काम करते रहने से जो शक्ति खर्च होती है और अंगों में थकान आ जाती है, वह नींद लेने से दूर हो जाती है। नींद की कमी अच्छे भले स्वस्थ आदमी को चिड़चिड़ा बना देती है। कई लोगो को समय समय पर रात में नींद नहीं आती है. इसका अर्थ ये नहीं है कि वह विशेष व्यक्ति अनिद्रा रोग के शिकार हैं।
अनिद्रा वो रोग या वो स्थिति है जो लंबी अवधि तक बनी रहती है और जिसका आपकी कार्यक्षमता, संबंध, निर्णय क्षमता और जीवन की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है वैसे हर व्यक्ति की निद्रा की आवश्यकता अलग-अलग होती है पर औसतन मनुष्य के लिए 6-8 घंटे तक की नींद पर्याप्त मानी जाती हैं।

Insomnia causes in Hindi | अनिद्रा रोग के क्या कारण हैं?

अनिद्रा मुख्यतः दो कारणों से होती हैं शारीरिक और मानसिक जिसको हम विस्तार से समझते हैं

i) तनावः तनाव अनिद्रा रोग का एक सामान्य कारण है। ये तनाव जीवन में घटित किसी गंभीर घटना से या रोज़ाना की समस्याओं से हो सकता है जैसे – काम का दबाव, पैसे या स्वास्थ्य की चिंता,अपने किसी प्रियजन का निधन, तलाक या नौकरी का छूटना इत्यादि जैसी समस्या हो सकती हैं ।
ii) मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएँ: अवसाद और घबराहट से पीड़ित और अन्य मनोरोगों के शिकार व्यक्तियों में नींद न आने की समस्या आ सकती है।

डिप्रेशन व अवसाद के कारण,लक्षण और घरेलू उपाय

iii) अन्य बीमारियाँ या शरीर की अन्य दशाएँ: ऐसे लोग किसी शारीरिक बीमारी, दर्द या असुविधा का अनुभव करते हैं या जिन्हें दमा जैसी सांस की तक़लीफ़ें हों, उन्हें भी अनिद्रा रोग हो सकता है. अन्य कई चिकित्सा स्थितियों में यानि कई बीमारियों, जैसे कैंसर, हृदय रोग या हल्कीफुल्की सामान्य बीमारियों जैसे एलर्जी और एसिडिटी से भी अनिद्रा रोग हो सकता है.
iv)दवाएँ: अनिद्रा रोग, कई दवाओं के साइड इफेक्ट से भी होता है. कई दर्दनिवारक दवाओं और साधारण सर्दी जुकाम की चलताऊ दवाओं में कैफ़ीन होता है जिससे नींद का चक्र बाधित होता है. अवसाद निरोधक दवाएँ, ब्लडप्रेशर की दवाएँ और हृदय रोग की दवाओं से भी अनिद्रा रोग हो सकता है.




v)अल्कोहल और नशीले पदार्थः शराब, कैफ़ीन, निकोटीन और नशीले पदार्थों का सेवन भी अनिद्रा का कारण बन सकते हैं. कैफ़ीन नींद में जाने की आपकी क्षमता को सीमित करता है जबकि शराब और अन्य नशे नींद में खलल डालते हैं. और बार बार नींद टूटती है.
vi)नींद का कमज़ोर रूटीन और आसपास का माहौलः लंबे समय तक अनियमित नींद स्वस्थायवर्धक नहीं हैं और अनिद्रा रोग का कारण बन सकती है. असुविधाजनक माहौल में सोने से भी नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है जैसे तेज़ रोशनी या शोरशराबे में.
vii)जीवन से जुड़ी घटनाएँ: अगर आप रात की पाली में काम करते हैं या अलग टाइम ज़ोन में आपका तबादला हो जाता है तो आपका शरीर इस बदलाव से तारतम्य नहीं बैठा पाता और आपको नींद लेने में दिक्कत आ सकती है.
viii)बुढ़ापाः जैसे जैसे लोग उम्रदराज़ होते हैं, उन्हें अनिद्रा रोग की शिकायत होने लगती है. दिन में जल्दी थक जाने से नींद के पैटर्न बदल सकते हैं. शारीरिक गतिविधि में कमी भी नींद की गुणवत्ता पर असर डालती है. उम्र बढ़ने के साथ आपको अन्य तक़लीफ़ें भी घेर सकती हैं जो आपकी नींद को बाधित कर सकती है

Insomnia symptoms in Hindi | अनिद्रा रोग के क्या लक्षण हैं?

अनिद्रा रोग से ग्रसित व्यक्ति के अंदर कई तरह के लक्षण देखनो को मिल सकते हैं जो की निम्न हैं ।
i) नियमित रूप से सिर में दर्द या पेट में दर्द रहना
ii) ध्यान केंद्रित करने में या किसी बात पर ग़ौर करने में असुविधा,एकाग्रता की कमी या दिक्कत महशूस होना
iii) किसी भी काम में मन नहीं लगना
iv) स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है
v) हमेशा शरीर थका-थका, आलस्य जैसी हीन भावना रहना
vi) बेचैनी, करवटें बदलना
vii) बार-बार नींद खुल जाना और दुबारा आने में परेशानी आना




Insomnia side effects in Hindi | अनिद्रा रोग के दुष्टप्रभाव?

अगर कोई व्यक्ति इस रोग से ज्यादा समय तक पीड़ित रहें तो इसके साथ अनेक प्रकार की बीमारियों का समूह घेर लेती है | तनाव भरी जीवन से शारीरिक व मानसिक परेशानियां बढ़ जाती है | साथ ही घातक बीमारियाँ जिसकी शुरुआत होती है कब्ज़ से और आगे बढ़ते बढ़ते वो डायबिटीज, डिप्रेसन, ब्लड प्रेशर, मोटापा, ह्रदय रोग आदि के रूप धारण कर व्यक्ति के जीवन को मुशीबत में डाल देती है | ऐसे मरीजों में मिर्गी के दौरे भी पड़ने शुरू हो जाते है | और तो और उसके मन में नाकारात्म सोच इस कदर घर कर लेती है की उन्हें आत्म हत्या करने की विचार भी आने लगते है |

Insomnia solution in Hindi | अनिद्रा रोग के उपाय?

अपने दिनचर्या में कुछ सामंजस्य और कुछ समझौते अगर कर सकें तो अच्छी नींद लेने में आपको मदद मिल सकती है. व्यायाम करने की कोशिश करें और दिन में सक्रिय रहें. इससे आपको गहरी नींद आएगी और आपको पूरा आराम मिल पाएगा. कैफ़ीन की मात्रा कम करें और अल्कोहल और निकोटीन से परहेज़ करें क्योंकि उनसे नींद में गतिरोध आता है. अपने सोने के इंतज़ाम आरामदेह और सुविधाजनक रखें और बिस्तर पर जाने से पहले कुछ रिलैक्स करें. अगर नींद की कमी से आप अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों में रुकावट महसूस करते हैं और उन गतिविधियों को संचालित करने में आप समर्थ नहीं हो पा रहे हैं, तो आपको डॉक्टर के पास जाकर उनसे परामर्श करना चाहिए इसके अलावा कुछ ऐसे उपाय जिनको करने चाहिए

i) सोने से पूर्व दोनों आँखों पर पानी के छींटे मारने चाहिए |
ii) गर्मी के मौसम में शाम को जरुर नहायें और रोयेंदार तौलिये से शरीर को रगड़-रगड़ कर साफ़ करें |
iii) कंप्यूटर, मोबाइल और टी वी का प्रयोग कम से सोने से 2 घंटे पूर्व ना करें
iv) रात्रि का खाना सोने से कम से कम 3 घंटे पहले हो जाना चाहिए
v) सोने की जगह पर साफ़ सफाई रखे और आपका बिस्तर भी आरामदायक होना चाहिए।
vi) रात को अच्छी नींद लेना है तो दोपहर में ना सोए।

Insomnia home remedies in Hindi | अनिद्रा रोग के घरेलू इलाज

i) 1 गिलास हरी एलाईची वाले गर्म दूध का सेवन सोने से पहले अत्यंत सहायक है|
ii) 1 चम्मच मुलेठी का पाउडर 1 गिलास दूध के साथ प्रातः काल सेवन करना चाहिए |
iii) 3 ग्राम पुदीने के पत्ते लेकर 1 कप पानी में 15-20 मिनट तक उबालें. रात्रि को सोने से पहले एक चम्मच शहद के साथ कुनकुने होने पर सेवन करें
iv) सोने से पहले नारियल या सरसों तेल से पैरों और पिंडलियों में मालिश करना अत्यंत लाभकर है
v) 1 चम्मच ब्राहमी और अश्वगंधा का पाउडर 2 कप पानी आधा रह जाने तक उबालें. रोज़ सुबह इसका सेवन करना लाभदायक है
vi) कटे हुए केले पर पीसा हुआ ज़ीरा डाल कर प्रति रात्रि शयन से पूर्व खाना भी नींद लाने में सहायक है
vii) ताज़े फलों और सब्जियों का सेवन, छिलकासहित पिसे हुए अन्न, छिलका सहित दालें, दुग्ध एवं मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए
viii) अश्वगंधा और सर्पगंधा बराबर मात्रा में पीस कर इसका चूर्ण बना ले। रात को सोने से पूर्व चार से पांच ग्राम चूर्ण 1 गिलास पानी के साथ ले। इस आयुर्वेदिक दवा से आपको अच्छी और गहरी नींद मिलेगी।
ix) गर्म दूध पीने से आरामदायक अहसास मिलता है क्योंकि दूध में ट्रिप्टोफेन (Tryptophan) नामक यौगिक होता है जो एक प्राकृतिक निद्राकारक है. हल्के गर्म दूध के छोटे गिलास में एक चुटकी दालचीनी डालकर पीने से अच्छी नींद आती है
x) एक कप दूध में एक चम्मच तुलसी का रस डालकर पीने से अच्छी नींद आती है|

Insomnia ayurvedic remedies in Hindi | अनिद्रा रोग के आयुर्वेदिक इलाज

पिप्पली मूल चूर्ण: इस चूर्ण का 1.5 ग्राम सोने से पूर्व लेना चाहिए.
स्वामक्षक भस्म: 1 ग्राम स्वामक्षक भस्म पानी के साथ सोने से पूर्व लेने से अनिद्रा में लाभ मिलता है.
वातकुलान्तक: 125 मिलीग्राम रोज़ शहद के साथ लेना हितकर है.
निद्रोदय रस: 125 मिलीग्राम रोज़ शहद के साथ सेवन करें




Insomnia homeopathic remedies in Hindi | अनिद्रा रोग के होम्योपैथिक इलाज

i)लाइकोडियम- दोपहर के समय में भोजन करने के बाद नींद तेज आ रही हो और नींद खुलने के बाद बहुत अधिक सुस्ती महसूस हो तो इस प्रकार के कष्टों को दूर करने के लिए लाइकोडियम औषधि की 30 शक्ति का उपयोग करना लाभदायक होता है
ii)चायना- रक्त-स्राव या दस्त होने के कारण से या शरीर में अधिक कमजोरी आ जाने की वजह से नींद न आना या फिर चाय पीने के कारण से अनिद्रा रोग हो गया हो तो उपचार करने के लिए चायना औषधि 6 या 30 शक्ति का उपयोग करना लाभदायक है।
iii)कैल्केरिया कार्ब – इस औषधि की 30 शक्ति का उपयोग दिन में तीन-तीन घंटे के अंतराल सेवन करने से रात के समय में नींद अच्छी आने लगती है। यह नींद किसी प्रकार के नशा करने के समान नहीं होती बल्कि स्वास्थ नींद होती है।
iv)कैम्फर – नींद न आने पर कैम्फर औषधि के मूल-अर्क की गोलियां बनाकर, घंटे आधे घंटे पर इसका सेवन करने से नींद आ जाती है।
v) पल्सेटिला- रात के समय में लगभग 11 से 12 बजे नींद न आना। इस लक्षण से पीड़ित रोगी के रोग को ठीक करने के लिए पल्सेटिला औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए।

Insomnia related Yogasana And Pranayama In Hindi | योगाभ्यास एवं प्राणायाम

नियमित रूप से मौलिक योग आसनों के अभ्यास के बाद यदि शवासन किया जाए तो इससे अनिद्रा के रोग से सहज ही छुटकारा मिल जाता है। और योग आसन करने के पश्चात यदि नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास 20-30 मिनट रोज़ हो तो शीघ्र ही अनिद्रा तो निवृत्त होती ही है, इसके साथ हो साथ पूरे तंत्रिका तंत्र (nervous system) में ताक़त आ जाती है। प्रकृति के साथ अधिक समय बिताएँ. रोज़ ऐसा करने से मस्तिष्क में प्रकृति के साथ तालमेल बैठने से व्यक्ति अच्छी निद्रा का अनुभव कर सकता है।
योग निद्रा प्रतिदिन करने से भी मस्तिष्क संबंधी सभी रोग निवृत्त हो जाते हैं और निद्रा की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है

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