Improve Immune System in Hindi | रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय


Improve Immune System, How to Boost Immune System in Hindi – स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा मंत्र – अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर के अंदर रक्षा प्रणाली के तरह काम करती है। जो की हमारे शरीर को बाहरी कारक, विभिन्न तरह के संक्रमण, वायरल, वायरस, फ्लू से संरक्षण प्रदान करती है। आज हम आपको शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के तरीके और घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे।



How to Improve Immune System in Hindi

हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता कई चीजों पर निर्भर करता है जैसे की हमारे जीवनशैली, खान-पान इत्यादि आइये सबसे पहले Immune System क्या है इसके बारे में विस्तार पूर्वक जाने।

रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या होती है – What is immunity in Hindi
प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) किसी जीव के भीतर होने वाली उन जैविक प्रक्रियाओं का एक संग्रह है, जो रोगजनकों और अर्बुद कोशिकाओं को पहले पहचान और फिर मार कर उस जीव की रोगों से रक्षा करती है दूसरे शब्दों में कहे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता, शरीर को बाहरी कारक, विभिन्न तरह के संक्रमण, वायरल, वायरस, फ्लू से संरक्षण प्रदान करती है। लेकिन कुछ वजहों से हमारे शरीर के प्रतिरक्षण प्रणाली कमजोरी होने लगती है – प्रतिरक्षा-प्रणाली में खराबी को इम्यूनोडेफिशिएंसी कहते हैं। इम्यूनोडेफिशिएंसी या तो किसी आनुवांशिक रोग के कारण हो सकता है, या फिर कुछ खास दवाओं या संक्रमण के कारण भी संभव है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसका निर्माण शरीर खुद कर लेता है। तो आइये How to Improve Immune System (रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये)? इसके बारे में विस्तार पूर्वक जाने।

उचित दिनचर्या – Lifestyle for increase the immunity in Hindi

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आहार के साथ साथ हमारे दिनचर्या में बदलाव करना भी जरुरी है।
i) तनावमुक्त रहने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है कोशिश करे कि आप भय, क्रोध, चिंता और तनाव से दूर रहे।
ii) पर्याप्त नींद ले, रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
iii) खूब पानी पिएं। हाइड्रेशन के अलावा यह शरीर पर हमला करने वाले माइक्रो ऑर्गैनिजम को बाहर निकालने का काम भी करता है।
iv) हफ्ते में एक बार पूरे शरीर की अच्छी तरह मसाज करें। इसके लिए तिल के तेल या ओलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। मसाज से शरीर के तमाम पोर्स खुलते हैं और शरीर की कोशिकाओं की सफाई हो जाती हैं।
v) सूर्य संक्रमण और वायरस से लड़ने का सबसे शक्तिशाली स्त्रोत है। साथ ही यह हमारे शरीर को विटामिन डी और रोगों से लड़ने की सामर्थ्य भी देता है। सुबह 6 से 7 बजे के बीच की धूप में व्यायाम करें यह आपको बहुत से समस्याओं से बचाएगा।
vi) अपना दिन व्यायाम के साथ शुरू करें और व्यायाम करने से आपकी immunity के साथ साथ अलग अलग रोगों से लड़ने की आपकी क्षमता को बढ़ा देता है।
vii) अपने डॉकटर से नियमित स्वस्थ्य परिक्षण कराते रहे। किसी भी बीमारी या बीमारी के लक्षण को नजरअंदाज न करे। उचित समय पर बीमारी बढ़ने से पहले डॉक्टर कि सलाह अनुसार इलाज शुरू कर दे। अपने बच्चो को उम्र अनुसार सारे टिके / Vaccination लगवाए।
viii) अपने शरीर के साथ-साथ अपने आस-पास के माहौल को स्वच्छ रखे। केवल स्वच्छता रखने से ही, आप लगभग 50 % बीमारियो को दूर भगा सकते है। खुद स्वच्छ रहे और बाकि लोगो को भी स्वच्छता रखने के लिए प्रेरित करे, जिससे आप बाकि लोगो से होनेवाली बीमारियो से बच सके।
ix) स्वस्थ और निरोगी शरीर के लिए शराब, धूम्रपान, गुटखा और तंबाखू सेवन इत्यादि बुरी आदतो का त्याग करे।
x) अपनी रोगप्रतिकार शक्ति बढ़ाने के लिए और स्वस्थ रहने के लिए वजन को काबू में रखना बेहद जरुरी है।




Diets Chart for Improve Immune System in Hindi

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उचित खान पान का होना अत्यंत ही आवश्यक है। अगर खानपान सही है तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किसी दवा या अतिरिक्त कोशिश करने की जरूरत नहीं है। खानपान में वातावरण की प्रकृति के खिलाफ कोई भी चीज शामिल न करे अर्थात, ठण्ड में गर्म चीज और गर्म में ठंडी चीज का ही सेवन करे। आइये कुछ ऐसे आहार के बारे में जान ले जो हमे Immune System Improve करने में मदद करता हो।

i) समतोल आहार / Balanced Diet :- नियमित समतोल आहार में ज्यादा मात्रा में पौष्टिक फल, सब्जी और Protein युक्त चीजो का समावेश करे और वसायुक्त चीजे कम रखे। Food Pyramid, का उपयोग करके हम आसानी से यह निर्धारित कर सकते है की आहार में कौन सी चीज कितनी मात्रा में लेना चाहिए।
ii) Anti-Oxidants : – एंटीओक्सीडेंट वे अणु होते है, जो दूसरे अणुओं के ओक्सीडेशन को रोकते है। बीटा कैरोटिन, ल्यूटिन लाइकोपिन, फ्लैवोनाइड, लीगनान जैसे एंटीओक्सीडेंट हमारे लिए बहुत जरूरी और महत्वपूर्ण है। इसके अलावा मिनरल सेलेनियम भी एक एंटीओक्सीडेंट कि तरह कार्य करता है। विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन इ भी एंटीओक्सीडेंट के रूप में शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
iii) प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से जितना हो सके, बचना चाहिए। ऐसी चीजें जिनमें प्रिजरवेटिव्स मिले हों, उनसे भी बचना चाहिए।
iv) जिंक का भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बड़ा हाथ है। जिंक का सबसे बड़ा स्त्रोत सीफूड है, लेकिन ड्राई फ्रूट्स में भी जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
v) अचार का इस्तेमाल कम करें। जिन चीजों की तासीर खट्टी है, वे शरीर में पानी रोकती हैं, जिससे शरीर में असंतुलन पैदा होता है। सिरका से भी बचना चाहिए।
vi) खानपान में गलत कॉम्बिनेशन न लें। मसलन दही खा रहे हैं तो हेवी नॉनवेज न लें। दही के साथ कोई खट्टी चीज न खाएं।

खानपान / Home Remedies for Improve Immune System

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ और घरेलू उपाय…
i) ग्रीनटी : इसमें एंटिऑक्सिडेंट होते हैं, दिन में तीन कप ग्रीन टी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाती है।
ii) चिलीज : इनकी मदद से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। ये नैचरल ब्लड थिनर की तरह काम करती है और एंडॉर्फिंस की रिलीज में मदद करती है। चिलीज में बीटा कैरोटीन भी होता है, जो विटामिन ए में बदलकर इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
iii) दालचीनी : एंटिऑक्सिडेंट से भरपूर होती है। दालचीनी लेने से ब्लड क्लॉटिंग और बैक्टीरिया की बढ़ोतरी रोकने में मदद मिलती है। ब्लड शुगर को स्थिर करती है और बुरे कॉलेस्ट्रॉल से लड़ने में मददगार है।
iv) शकरकंद : प्रतिरोधक तंत्र को बेहतर बनाने में मददगार है। अल्जाइमर, पार्किंसन और दिल के रोगों को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
v) अंजीर : अंजीर में पोटेशियम, मैग्नीज और एंटिऑक्सिडेंट्स होते हैं। अंजीर की मदद से शरीर के भीतर पीएच का सही स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है। अंजीर में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कम कर देता है।
vi) मशरूम : कैंसर के रिस्क को कम करता है। वाइट ब्लड सेल्स का प्रॉडक्शन बढ़ाकर शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को बूस्ट करता है।
vii) लहसुन – लहसुन हमारे इम्यून सिस्टम के लिए बेहद महत्वपूर्ण दो सेल्स को मजबूत करता है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और दूसरे दुर्लभ खनिज तत्वों का भंडार लहसुन शरीर और दिमाग दोनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
viii) हल्दी : गुड़ और गोमूत्र के साथ हल्दी का सेवन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है। वले का रस एक चम्मच, हल्दी की गांठ का रस आधा चम्मच और शहद आधा चम्मच मिला लें। सुबह, शाम लेने से सभी तरह के प्रमेह, मधुमेह और मूत्र रोगों में फायदा होता है।

आयुर्वेद / Ayurvedic Medicine for Improve Immune System

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में कई तरह के दवा और औषधि मौजूद है जो की नीचे बताये जा रहे है….
i) च्यवनप्राश :- आयुर्वेद में रसायन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। च्यवनप्राश को आयुर्वेद में सबसे बढि़या रसायन माना गया है। इसे बनाने में मुख्य रूप से ताजा आंवले का इस्तेमाल होता है। इसमें अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय समेत कुल 40 जड़ी बूटियां डाली जाती हैं।

नोट :- पांच साल से कम उम्र के बच्चों को च्यवनप्राश नहीं देना चाहिए।अगर कोई शख्स बीमारी से उठा है या ज्यादा बुजुर्ग है तो उसे च्यवनप्राश नहीं लेना चाहिए।

ii) अश्वगंधा :- आधा चम्मच अश्वगंधा सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध के साथ लें। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।
iii) शिलाजीत :- सर्दियों में दूध के साथ शुद्ध शिलाजीत का सेवन करने से हड्डियों, लिवर और प्रजनन संबंधी रोग नहीं होते।
iv) मुलहठी :- मुलहठी का चूर्ण आयुर्वेदिक एंटिबायॉटिक है। सर्दियों में दूध या शहद के साथ रोज मुलहठी चूर्ण लेने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
v) तुलसी :- तुलसी के पत्तों में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी रोगों से लड़ने की शक्ति होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में गजब का इजाफा होता है।
vi) गिलोय :- नीम के पेड़ में पान जैसे पत्तों वाली लिपटी लता को गिलोय के नाम से जाना जाता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली इससे अच्छी कोई चीज नहीं है। इससे सभी तरह के बुखार, प्रमेह और लिवर से संबंधित तकलीफों से बचाव होता है।

होम्योपैथिक / Homeopathic Medicine for Improve Immune System

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक में कई तरह के दवा और औषधि है जो की नीचे बताये जा रहे है….
i) अल्फाअल्फा क्यू (मदर टिंक्चर) :- 5 से 7 बूंदें तीन चम्मच पानी में डालकर दिन में तीन बार रोजाना लें।
ii) अल्फाअल्फा 30 :- 3 से 4 बूंद पानी में डालकर दिन में तीन बार लें। इन दोनों दवाओं में अल्फाअल्फा 30 का असर ज्यादा गहरा होता है। बच्चों के लिए भी ज्यादा बढ़िया यही दवा है।
iii) अवाइना सटाइवा 30 और अवाइना सटाइवा क्यू :- इन दोनों दवाओं को भी ऊपर दिए गए तरीकों से ही लेना है।

योगासन / Yogasan for Improve Immune System

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करने में यौगिक क्रियाएं बेहद फायदेमंद हैं। इन क्रियाओं को इसी क्रम में करना चाहिए : कपालभांति, अग्निसार क्रिया, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, उत्तानपादासान, कटिचक्रासन, सेतुबंधासन, पवनमुक्तासन, भुजंगासन, नौकासन, मंडूकासन, अनुलोम विलोम प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम, भ्रामरी और ध्यान।

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Reference From
navbharattimes.indiatimes.com

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