High blood pressure: Causes, symptoms, and treatments in Hindi | उच्च रक्तचाप


High blood pressure : Causes, symptoms, and treatments in Hindi, High blood pressure अथवा Hypertension जिसे हम आम बोल-चाल के भाषा में उच्च रक्तचाप के नाम से जानते हैं। रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन (सिस्टोल) हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता (डायस्टोल) हो रही है। आराम के समय पर सामान्य रक्तचाप 100-140 mmHg सिस्टोलिक (उच्चतम-रीडिंग) और 60-90 mmHg डायस्टोलिक (निचली-रीडिंग) की सीमा के भीतर होता है।



High blood pressure: Causes, symptoms, and treatments in Hindi

किसी भी व्यक्ति में उच्च रक्तचाप की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब रक्त चाप का मापदंड 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है। निष्क्रिय और आलश्य जीवनशैली की वजह से लोगों में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं। आज हम आपको कुछ हाइपरटेंशन और उच्च रक्तचाप से जुड़े कारण, लक्षण और कुछ आसान घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं। जिससे आप हाइपरटेंशन और उच्च रक्तचाप पर आसानी से नियंत्रण और कण्ट्रोल कर पाए।

High blood pressure | Hypertension causes in Hindi | उच्‍च रक्‍तचाप के कारण

साधारणतः खून में सामान्य लेवल से कोलोस्ट्रोल का बढ़ना उच्‍च रक्‍तचाप का सबसे मुख्य कारण हैं। उच्च रक्तचाप का वैसे तो कोई निश्चित कारण नहीं है, लेकिन विभिन्न कारक और स्थितियाँ हैं जो हाइपरटेंशन उत्पन्न करते हैं……

i) मोटापा :- कई रोगो के साथ-साथ मोटापा High blood pressure की एक मुख्य वजह हैं, अधिक वजन वाले और मोटापाग्रस्त दोनों प्रकार के लोगों में, सामान्य वजन के लोगों की तुलना में, उच्च रक्तचाप उत्पन्न होने की अधिक संभावनाएँ होती हैं। इसलिए अपने वजन को नियंत्रण में रखना बहुत ही आवश्यक हैं

ii) वसायुक्त भोजन :- स्वस्थाय पेशवरों का मानना हैं की वसा का सेवन करना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है लेकिन यह जरुरी हैं की उसका श्रोत क्या हैं जैसे की वनस्पतियों से प्राप्त वसा जैसे एवोकेडो, मेवे, जैतून का तेल आदि, और ओमेगा तेल, जो कि कुछ प्रकार की मछलियों में आम रूप से पाए जाते हैं, आपके लिए बेहतर होती है – जबकि, सैचुरेटेड वसा जो कि पशुजन्य आहारों में आम रूप से पाई जाती है, और ट्रांसफैट आपके लिए हानिकारक होते हैं।

iii) मानसिक तनाव :- ऐसा शायद आपने सुना होगा अनावश्यक चिंता और तनाव “चिता” के समान होता हैं । तनावपूर्ण परिस्थितयो में हमारा शरीर अधिक मात्रा में हारमोन उत्पन्न करता है। ये हारमोन ह्रदय की धड़कन को बढ़ाकर और रक्तवाहिनियों को सिकोड़कर रक्तचाप को अस्थाई रूप से बढ़ा देते हैं।

iv) अधिक उम्र :- उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर की रक्त कोशिकाएं तथा हार्मोन की नियंत्रण प्रणाली कमजोर पड़ने लग जाती हैं जिसकी वजह से High blood pressure का खतरा बढ़ जाता हैं

v) महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में उच्च रक्तचाप होने का डर अधिक रहता हैं क्यूंकि पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा हृदय तथा फेफड़े अधिक बड़े होते हैं। उच्च रक्तचाप तथा हृदय गति दर में कम स्थायित्व होता है।

vi) उच्च रक्तचाप की समस्या अनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है

vii) धूम्रपान रक्तवाहिनियों को सिकोड़ देता है तथा रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को भी घटा देता है जिसकी भरपाई के लिए हृदय को अधिक कार्य करना पड़ता है, जिससे रक्तचाप में वृद्धि होती है।

viii) अल्कोहल में कैलोरीज होती हैं जिससे वजन में अनचाही बढ़ोतरी हो सकती है, जो उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है।

ix) नमक का अधिक सेवन आपके रक्तप्रवाह में सोडियम के स्तर को बढ़ा देता है और आपके गुर्दों की पानी को हटाने की क्षमता को कम करता है जिसके कारण गुर्दों तक जाने वाली नाजुक रक्तवाहिनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता हैं। अत्यधिक दबाव बढ़ने के कारण रक्तचाप की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं।

x) गर्भवती महिलाओं में, समान उम्र की गर्भरहित महिलाओं की अपेक्षा, हाइपरटेंशन उत्पन्न होने की संभावना अधिक होती है।

xi) शारीरिक विषम परिस्थतिया जैसे गुर्दों में दीर्घकालीन रोग, स्लीप एप्निया, थाइरोइड की समस्याएँ, या कुछ प्रकार के ट्यूमर की वजह से भी हाइपरटेंशन उत्पन्न होने की संभावना हो सकती हैं।

xii) शारीरिक निष्क्रिय और आलश्य जीवनशैली भी उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है।




High blood pressure | Hypertension symptoms in Hindi | उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षण

सामान्यतः उच्‍च रक्‍तचाप के कोई विशेष लक्षण नहीं देखनो को मिलते हैं इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता हैं। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप की समस्या दिल का दौरा, किडनी रोग, या स्ट्रोक सहित कई अन्य जटिलताओं को जन्म दे सकता है। High blood pressure नीचे कुछ सामान्य लक्षण बताये जा रहे हैं जिनको कतई नजरअंदाज न करे

i) घबराहट,चक्कर और बेचैनी महशूस करना
ii) सिर में भारीपन, सिर दर्द, सर घूमना अथवा चक्कर आना
iii) स्वभाव में चिरचिरापन
iv) ह्रदय की धड़कन का बढ़ना
v) सीने और बदन में दर्द
vi) सांस फूलने की तकलीफ़
vii) थकान महशूस करना
viii) दृष्टि का धुंधला पड़ना

उपरोक्त में कोई भी लक्षण महशूस होने पर तुरन्त रक्‍तचाप का जाँच अवश्य करे। क्यूंकि उच्च रक्तचाप से हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, धमनियों का सख्त होना, आँखें खराब होने और मस्तिष्क खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
जब मरीज का रक्तचाप 130/80 से ऊपर हो तो उसे उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन कहते हैं। इसके बाद 139/89 के बीच का रक्त का दबाव प्री-हाइपरटेंशन कहलाता है और 140/90 या उससे अधिक का रक्तचाप काफी उच्च समझा जाता है। बढ़ते उच्च रक्तचाप में अगर तुरंत डॉक्टर से नहीं दिखाया गया तो ह्रदय गति रुक जाती है और व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

High blood pressure | Hypertension treatment in Hindi | उच्‍च रक्‍तचाप का इलाज

उच्‍च रक्‍तचाप से बचने के लिए हम आपको साधारण और सरल उपाय बताने जा रहे हैं जिससे आप इसको पूर्णत: नियंत्रण कर सकते हैं ।

i) नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है। इसलिए नमक का प्रयोग बिल्कुल ही बंद कर दे अन्यथा कम कर दे

ii) रक्त का गाढा होना उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है। लहसुन का प्रयोग शरीर में रक्त का थक्का नहीं जमने देती है। धमनी की कठोरता में लाभदायक है।

iii) आधा गिलास गुनगुने पानी में काली मिर्च पावडर एक चम्मच घोलकर 2 -2 घंटे के फ़ासले से पीते रहने से बढे हुवे ब्लड प्रेशर में लाभ मिलता हैं।

iv) एक बडा चम्मच आंवला का रस और इतना ही शहद मिलाकर सुबह -शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है।

v) पालक और गाजर का रस मिलाकर एक गिलास रस सुबह-शाम पीयें। अन्य सब्जीयों के रस भी लाभदायक होते हैं।

vi) केले के तने का रस निकालकर आधा कप सुबह और आधा कप शाम को सेवन करना हाई ब्लड प्रेशर में लाभ देता है

vii) सौंफ़,जीरा,शकर तीनों बराबर मात्रा में लेकर पावडर बनालें। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिश्रण घोलकर सुबह-शाम पीते रहें।

viii) बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा निंबू निचोडकर २-२ घंटे के अंतर से पीते रहें।

ix) चुकंदर फोलेट और मैंगनीज का समृद्ध स्रोत होता है इसमें थायमिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-6, पेंटोथेनिक एसिड, कोलिन, बीटिन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, जिंक, कॉपर और सेलेनियम भी होते हैं। चुकंदर का रस एथलेटिक प्रदर्शन को सुधारता है, रक्तचाप कम करता है और रक्तप्रवाह बढ़ाता है।

x) तरबूज के बीजों में एक यौगिक होता है जिसे क्यूकर्बोसाइट्रिन कहते हैं, जो रक्त की विभिन्न सूक्ष्म केपिलरी को फ़ैलाने में सहायता करता है। इसके साथ ही, यह गुर्दों की कार्यक्षमता सुधारने में भी मदद करता है। इसके परिणामस्वरूप यह रक्तचाप के स्तर को घटाता है और आर्थराइटिस में भी बहुत लाभ पहुंचाता है।

xi) नियमित रूप से 5 घंटों से कम नींद लेने से रक्तचाप और शुगर की बीमारी का खतरा बढ़ता है। अधिक सोने से भी शुगर की बीमारी होने की संभावना बढ़ती है।

xii) नंगे पैर हरी घास पर 15-20 मिनिट रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता हैं।

अन्य जरुरी लेख
ब्लड प्रेशर के बारे में विश्तार से जाने
ब्लड प्रेशर घर पर चेक कैसे करे?
डायबिटीज,मधुमेह,ब्लड प्रेशर का घरेलु इलाज
डायबिटीज के कारण
डायबिटीज के 15 लक्षण
डायबिटीज के 15 प्रकार
डायबिटीज से जुड़े अहम टेस्ट

Reference By
hi.wikipedia.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.