Eye Care in Hindi | आँखों की देखभाल एवं घरेलु नुस्खे


“Eye Care tips in Hindi” मनुष्य की आँखे, नैन या नेत्र मानव शरीर की सबसे अधिक आकर्षण वाला हिस्सा ही नहीं, अपितु सबसे खास अंग भी है। हमारे शरीर में इनका महत्व तभी तक है जब तक आपकी आँखों की दृष्टि सही सलामत है ,दृष्टि एक ऐसा माध्यम है , जिसकी मदद से मनुष्य प्रकाश किरणों की संवेदना , स्वरूप, दूरी, रंग आदि को महसूश करता है । आँखों का देखभाल करना उतना ही जरुरी है जितना की शरीर के अन्य भागो का , अगर आप इनके साथ जरा से भी लापरवाही बरतेंगे तो आपकी खूबसूरत आँखे दो से चार होने में समय नहीं लगेगा यानि आपके आंखों को चश्मे के फ्रेम की नज़र लग जाएगी या फिर eye लेंस लगाने की नौबत आ सकती है ।

यह भी पढ़े
आंखों की रोशनी बढ़ाने के तरीके
बालो का देखभाल के तरीके



Eye Care in Hindi

आंखे हमारे शरीर के उन महत्वपूर्ण अंगों में से एक है जिसके बिना व्यक्ति अपने जीवन की कल्पना भी नहीं करना चाहेगा। इसलिए जरुरी है कि आप अपने आँखों की देखभाल जरुर रखें।

Eye Structure in Hindi

आँखें मनुष्य की अत्यंत जटिल ज्ञानेन्द्रियाँ में से एक हैं, जो हमारे सिर के नीचे दायीं-बायीं तरफ नेत्र कोटरीय गुहा में स्थित रहती है । इनका आकार गोलाकार होता हैं तथा इनका व्यास लगभग एक इंच (2.5 सेंटीमीटर) होता है। नेत्र के ऊपर व नीचे दो पलकें होती हैं । ये हमारी आँखों को धूल-मिट्टी से सुरक्षित रखती है ।नेत्र में ग्रन्थियाँ होती हैं। जिनके द्वारा पलक और नेत्र सदैव नम बनी रहती हैं ।

आँखों की देखने की क्षमता । Eye sight range

इसका exactly अनुमान लगा पाना तो संभव नहीं है क्योंकी यह हर व्यक्तिविशेष के हिसाब से अलग अलग हो सकता है फिर भी Wikipedia के एक लेख के अनुसार बिना आँख या सर हिलाए प्रत्येक नेत्र बाहर की ओर 104 डिग्री, ऊपर 55 डिग्री, नीचे 75 डिग्री और नासा की ओर 55 डिग्री का क्षेत्र देख सकता है । यह परिमापी (पेरिमीटर) द्वारा अंकित किया जाता है।

आँखों से जुडी समस्या । Eye Related Diseases in Hindi

यहाँ पर दिए गए आँखों से जुडी समस्याए जो सामन्यतः देखनो को मिलती है ।

➥ निकट दृष्टि (Myopia)
➥ दूरदृष्टि या (Hypermetropia)
➥ अबिंदुकता या (Astigmatism)
➥ रतौंधी (Night Blindness)
➥ रंजित दृष्टि (Coloured Vision)
➥ मोतियाबिंद (Cataract)
➥ कांचबिंदु (Glaucoma)
➥ अपवर्तक त्रुटि
➥ आँख की जन्मजात असंगति
➥ ऑप्टिक एट्रॉफी
➥ कॉर्निअल रोग
➥ रेटिनल रोग
➥ एम्ब्लिओपिक
इन रोगो के बारे में हम विस्तार में आगे प्रकाशित लेखो के माध्यम से जानेंगे




आँखों के बिमारी के कारण । Reason of Eye Diseases in Hindi

1. वायरस और बैक्टीरिया : – आँखों से जुडी अधिकतर समस्या का मुख्य कारण वायरस और बैक्टीरिया ही होते है । इनके ही वजह से हमारी आँखे ज्यादा प्रभावित होती है
2. जीवन शैली का कुप्रभाव :- ऐसा देखा गया है जो लोग ज्यादा देर तक तेज धुप , धूल-धक्कर के संपर्क में रहते है उनको आँखों से जुडी समस्या का खतरा ज्यादा होता है
3. ब्यूटी प्रोडक्ट्स के कारण :- हम सजने सवरने व शरीर की सफाई के लिए के लिए कई ऐसे beauty products जैसे शैंपू,साबुन,कंडीशनर,आँखों के मेकअप के लिए जो उपयोग में लाते है कई बार ख़राब products के side effect के कारण भी यह समस्या उत्पन हो सकती है ।
4. एलर्जी के कारण :- मुख्य रूप से इससे जुड़े संक्रमण धूल, पोलन, या एक विशेष प्रकार की एलर्जी जो कि केवल कांटेक्ट लेंस पहनने वाले लोगो को ही प्रभावित करता है।
5. वायु प्रदूषण :- सड़क पर गाड़ियों के जहरीला धुँआ भी इसका कारण हो सकता है ।
6. ज्यादा देर तक कंप्यूटर,टेलीविजन और मोबाइल चलाने से
7. पेट से जुडी समस्या के कारण भी आँखों की समस्या हो सकती है ।
8. आँखों से संक्रमित लोगो के संसर्ग में रहने से भी यह समस्या हो सकती है ।

Symptoms of Eye Infection in Hindi | आँख ख़राब होने के लक्षण

➥ आँखों में दर्द महशूस होना
➥ आंख एवं सिर में भारीपन
➥ आंखों में जलन होना
➥ आँखों में खुजली महसूस होना
➥ आंखों में सूजन या आंखें लाल होना
➥ आँखों का छोटा बड़ा होना
➥ आाँखो में चुभन सा महसूस होना
➥ लगातार आंखों से पानी निकलना
➥ पलकों के किनारे पर कीचड़ दिखना विशेषकर सोने के उठने के बाद
➥ आंख से हरा या सफेद पदार्थ निकलना
➥ आँखों से ठीक तरह से न दिखना

Eye Care Tips in Hindi | आँखों का देखभाल

➥ Eye Care के लिए, आंखो की सफाई पर ध्यान दे, ठन्डे पानी के छीटे या हलके गरम पानी से आँखों को किसी कपड़े की मदद से सेके ।
➥ तेज धूप और धूल-मिट्टी में निकलने से पहले Sun Glasses का उपयोग करे |
➥ कम रोशनी में पढ़ाई -लिखाई या किसी भी काम से बचे ।
➥ चलती गाड़ी में पढ़ाई करने से बचे ।
➥ Eye Care के लिए, बारिश के पानी से आँखों को बचाये
➥ जवलनशील पदर्थो के संपर्क से आँखों को दूर रखे
➥ कंप्यूटर या टीवी का उपयोग करने से पहले या तो उसकी brightness और कंट्रास्ट कम कर ले या Anti-reflective या Anti-Glare Glasses का उपयोग करना चाहिए
➥ आँखों की मूवमेंट जरुरी है इसके लिए अपने कंप्यूटर या टीवी को कुछ इस तरह सेट करें कि आंखें मॉनिटर के टॉप लेवल पर हों।
➥ जिस कमरे में कंप्यूटर या टेलीविज़न हो उसमें उचित प्रकाश होना जरूरी है ज्यादा तेज रोशनी भी नहीं होनी चाहिए, एवं प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिये, सामने से नहीं।
➥ ज्यादा समय तक कंप्यूटर , टीवी , मोबाइल जैसे उपकरणों का उपयोग न करे । बीच-बीच में आँखों को आराम देने के लिए पलके झपकाते रहे और बीच में ब्रेक ले
➥ Eye Care के लिए, आँखों से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचे
➥ दुसरो के तौलिये , रुमाल का उपयोग न करे
➥ आँखों को तेज तरीके से न मसले और न ही दबाये
➥ आखो से जुडी cosmetic product की quality और उत्पादन तिथि चेक करके ही उपयोग में लाये ।
➥ Eye Care के लिए, प्रतिदिन नहाने से पहले पांवों के अंगूठे में तेल मलकर नहाने से आंखों की रोशनी प्रबल होती है।
➥ सुबह जल्दी उठकर पार्क में ओस पड़ी घास में नंगे पैरों से चलने से कमजोर आंखें तेज होती है।
➥ सुबह उठकर मुंह में ठंडा पानी भरकर मुंह को फुलायें और ठंडे पानी से आखों में छीटें मारें।
➥ आँखों से जुडी किसी भी समस्या के उपचार हेतु किसी अच्छे चिकित्सक से सलाह अवस्य ले
➥ योग , व्यायाम , प्राणायाम का भी अभ्याश करे ।




हमारे द्वारा प्रकशित इस लेख ” Like & Share “ करना न भूले जिससे की हमारी यह जानकरी ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुँचे । हमारे इस प्रयास में भागीदारी बने धन्यवाद !

गर्भधारण से जुड़े लेख

संतान और गर्भधारण प्राप्ति के खास उपाय एवं टोटके
गर्भावस्था के दौरान सोने का सही तरीका
18+ गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण व संकेत
11+ घरेलू प्रेगनेंसी टेस्ट के तरीके
गर्भावस्था के दौरान यौन संबंध बनाना सुरक्षित हैं या नहीं
गर्भावस्था में भ्रूण किस प्रकार विकसित होता है
लड़कियों में कब और कैसे शुरू होता है पीरियड
गर्भधारण के दौरान सावधानियॉ
प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए

शीघ्रपतन से जुड़े लेख

शीघ्रपतन क्या है
शीघ्रपतन के कारण
शीघ्रपतन होने के लक्षण व संकेत
30 से भी ज्यादा शीघ्रपतन के घरेलू इलाज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.