Blood group details and types in Hindi | ब्लड ग्रुप और उसके प्रकार


Blood group क्या होता है, यह कितने प्रकार के होते है ( Blood Group Details and Types in Hindi )- इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानेगे। रक्त हमारे शरीर का आधार है। यह ऐसा शारीरिक तरल है जो ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को शरीर की करोड़ों कोशिकाओं तक पहुंचाता है और इन कोशिकाओं से अनुपयोगी तत्वों को शरीर की सफाई वाली प्रणालियों तक ले जाता है। आमतौर पर लोगों में पाया जाने वाला ब्लड ग्रुप आनुवांशिक होता है। केवल समान ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के खून की अदला-बदली हो सकती है।



Blood Group Details and Types in Hindi

Blood group history (ब्लड ग्रुप के इतिहास) in Hindi, के बारे में बात करे तो, रक्त समूह के नियम का प्रतिपादन या कहा जाये कि ब्लड ग्रुप की खोज सर्वप्रथम ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टेनर ने 1900 ई. में की थी। इनका जन्म 14 जून, 1868 में हुआ था। इस उपलब्धि के लिए कार्ल लैंडस्टेनर को वर्ष 1930 में फिजियोलॉजी और मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कार्ल लैंडस्टेनर ने रक्त समूहों को 3 समूह A, B और C नाम दिया था। परन्तु C रक्त समूह में A और B एंटीजन नहीं पाये जाने के कारण इसे यूरोप में ‘0’ (Zero) के रूप में प्रतिपादित किया गया, जिसे रक्त समूह O ‘ओ’ कहा गया। चौथे रक्त समूह AB की खोज 1902 में वैज्ञानिक अल्फ्रेड वॉन डीकासेलो और एड्रियानो स्टूरली ने की थी।

What is Blood Group – ब्लड ग्रुप क्या है?

Blood Group का अर्थ रक्त समूह होता है, रक्त समूह रक्त का एक वर्गीकरण है जो रक्त की लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पर पाये जाने वाले पदार्थ मे वंशानुगत प्रतिजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति पर आधारित होता है। ब्लड ग्रुप का पता उसमें मौजूद एंटीजेन्स और एंटीबॉडीज़ से चलता है. एंटीजेन्स प्रोटीन अणु होते हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं यानी रेड ब्लड सेल्स की सतह पर मौजूद रहते हैं, जबकि एंटीबॉडीज़ प्रोटीन प्लाज़्मा में मौजूद होते हैं, जो बाहरी जीवाणुओं का हमला होने पर उनसे लड़ने के लिए रोग प्रतिरक्षक प्रणाली को चेतावनी देते हैं. एंटीजेन्स दो प्रकार के होते हैं, जिन्हें ए व बी नाम दिया गया है।
रक्त समूह को बतलाने के लिए चिकित्सक Rh+ve / Rh-ve या O+ve / O-ve या AB+ve / AB-ve इत्यादि लिखते हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा Blood group O+ (Positive) और सबसे कम AB- (Negative) है।




ब्लड ग्रुप की संरचना | Structure of blood group

हमारा रक्त (Blood) तरल और ठोस पदार्थों से मिलकर बना होता है, रक्त का ठोस भाग -लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं, और प्लेटलेट्स से मिलकर बना होता है और तरल भाग पानी, नमक और प्रोटीन से मिलकर बना होता है जिसे प्लाज्मा कहा जाता है। ब्लड का लगभग आधा भाग प्लाज्मा होता है। लाल रक्त कोशिकाओं जिसे RBC कहाँ जाता है, वो हमारे शरीर में ऑक्सीजन को वितरित करती है और सफेद रक्त कोशिकाओं जिसे WBC कहाँ जाता है वो हमारे शरीर में संक्रमण को रोकती है और प्लेटलेट्स हमारी हड्डियों को अंदर से स्वस्थ्य रखकर, नई रक्त कोशिकाओं को बनाता है।

Types of Blood Group – ब्लड ग्रुप के प्रकार

Blood group 8 प्रकार के होते है, जिनकी जाँच लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले वंशानुगत प्रतिजन की मौजूदगी पर निर्भर करती है। ये इस प्रकार है:-

i) ए पॉजिटिव A RhD(+)
ii) ए निगेटिव A RhD(-)
iii) बी पॉजिटिव B RhD(+)
iv) बी निगेटिव B RhD(-)
v) ओ पॉजिटिव O RhD(+)
vi) ओ निगेटिव O RhD(-)
vii) एबी पॉजिटिव AB RhD(+)
viii) एबी निगेटिव AB RhD(-)

Blood Donation Chart in Hindi | कौन किसे रक्तदान कर सकता है?

रक्त प्रकार रक्त दे सकता है रक्त ले सकता है
A+ A+ AB+ A+ A O+ O
O+ O+ A+ B+ AB+ O+ O
B+ B+ AB+ B+ B O+ O
AB+ AB+ Everyone
A A+ A AB+ AB A O
O Everyone O
B B+ B AB+ AB B O
AB AB+ AB AB A B O

रक्त चढ़ाने के पूर्व ब्लड बेंक के चिकित्सक द्वारा जरूरत मंद और रक्तदाता के गु्रप मिलान के अलावा उन दोने के ब्लड की क्रास मेंचिगं की जाती है और और रक्तदाता के ब्लड की अन्य जांचे जैसे एच आई वी, एचबी एस ए जी, वीडी आर एल, मलेरिया, एच बी सी, आदि का परीक्षण करवाना जरुरी होता है।

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Reference From
hi.wikipedia.org

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