Blood Donation : Advantage and Disadvantage | रक्तदान के फायदे और नुकसान


Blood Donation : Advantage and Disadvantage, जब आप दूसरों को देने के लिए अपना ब्लड देते है तो उसे रक्तदान कहते है। रक्तदान अर्थात दूसरे को आपके द्वारा दिया जाना वाला जीवनदान होता है। सरकार की नीति स्पष्ट न होने के चलते ब्लड डोनेशन को लेकर बहुत से लोगों के मन में संशय बना रहता है – रक्त का दान करने से शरीर में ब्लड की कमी हो जाती है जिससे शरीर में कमजोरी आ जाती है लेकिन वास्तिवक में ऐसा कुछ नहीं होता अगर कमजोरी का एहसास होता भी है तो और कुछ ही घंटों या दिनों में वो दूर भी हो जाता है। रक्तदान के लिए लोगो को अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व रक्तदान दिवस हर वर्ष 14 जून को घोषित किया गया है।



Blood Donation : Advantage and Disadvantage in Hindi

एक सर्वे के मुताबिक भारत में हर वर्ष जरुरतमंदो को लगभग 30-35 प्रतिशत रक्त की कमी का सामना करना पड़ता है। देश को प्रति वर्ष आठ से दस मिलियन यूनिट रक्त की जरूरत होती है, लेकिन मुश्किल से 5.5 मिलियन यूनिट का ही प्रबंध हो पाता है। जिसकी वजह से कई लोगो को जान गवाना भी पड़ जाता है।
रक्तदान न करने की वजह काफी हद तक जागरूकता में कमी, गलत सोच और रक्तदान से जुड़ा मिथक होता है। ब्लड डोनेट करना एक सामाजिक सेवा है, जिससे दूसरे व्यक्ति के साथ – साथ आपके अपने भी कुछ व्यक्त‍िगत फायदे होते है। तो आइये जानते हैं रक्तदान के फायदे, नुकसान और रक्तदान से जुड़े कुछ तथ्यों और मिथकों के बारे में, ब्लड डोनेट करने से हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता हैं? क्या ब्लड डोनेट करने से हमारा शरीर कमजोर होता हैं? रक्तदान करने से हमारे शरीर को क्या नुकसान हो सकता हैं? किस व्यक्ति को रक्तदान नहीं करना चाहिए? What is the Importance and Benefit of Blood Donation? Who can donate the Blood? Who should not donate blood? What happens when you give blood

Blood Donation Facts in Hindi – रक्तदान से जुड़े तथ्य

ब्लड डोनेट करने से पहले क्या-क्या होता है और क्या करना चाहिए? PROCEDURES AND WHAT TO DO BEFORE BLOOD DONATION IN HINDI?

i) जब व्यक्ति रक्त दान करता है तो यह सुनिश्चित करें कि उसकी आयु 18 से 65 साल के बीच है और वजन 45 किलो से अधिक है, जो किसी भी व्यक्ति द्वारा रक्त दान करने के लिए महत्वपूर्ण मानदंड है। इसके अलावा अच्छे स्वास्थ्य के साथ आपकी हीमोग्लोबिन सामग्री 12.5 मिलीग्राम% से अधिक होनी चाहिए।
ii) दो रक्तदान के बीच न्यूनतम समय का अंतर कम से कम 3 महीने होना चाहिए। क्योंकी, सामान्य तौर पर रक्तदान के बाद शरीर में रक्त का पुनर्जन्म करने के लिए रक्त कोशिकाओं को लगभग तीन महीने लग सकते हैं। संख्याओं के अनुसार, आप एक वर्ष में चार बार रक्त दान कर सकते हैं।
iii) रक्तदान से पहले, रक्त दान करने वालों से फिटनेस संबंधित प्रश्न, डोनर के रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और वजन की जांच की जाती है तब जाकर ब्लड डोनर से ब्लड लिया जाता है।
iv) रक्तदान करने के बाद पानी पीना या किसी अन्य तरल पदार्थ का सेवन करना सुनिश्चित करें क्योंकि इससे आपको हाइड्रेटेड रहने में मदद मिलेगी। हालांकि, वायुकृत (aerated) पेय या कार्बोनेटेड शीतल पेय पीने से दूर रहें।
v) जहां तक आहार की बात है, रक्तदान करने से पहले कुछ हल्का खाएं। इसके अलावा, रक्त दान से पहले दिन में शराब पीने से बचें और रक्तदान से पहले धूम्रपान न करें। अक्सर ब्लड डोनेट करने के बाद क्या खाना चाहिए ये सवाल हर किसी को परेशान करता है तो सुनिश्चित करें कि आप ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं जिनमें फोलिक एसिड, विटामिन बी 6 और बी 2 होते हैं।
vi) रक्तदान के बाद कुछ सावधानियों से बचना चाहिए। डोनेशन के बाद किसी भी कठोर शारीरिक गतिविधि का प्रयोग न करें क्योंकि ऐसे में चक्कर आने की संभावना अधिक होती है। शारीरिक रूप से या मानसिक रूप से खुद को तनाव न दें और उस दिन आराम करना महत्वपूर्ण है।
vii) रक्तदान के बाद, रक्त के विभिन्न मापदंडों जैसे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, सिफलिस,मलेरिया और एचआईवी (प्रकार 1 और 2) के लिए टेस्ट किया जाना चाहिए। यदि उपरोक्त परीक्षणों में से कोई भी सकारात्मक परिणाम दिखता है, तो उस रक्त का प्रयोग में नहीं लाया जाना चाहिए।
viii) पैरामेडिकल स्टाफ यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ब्लड ट्रांसफ़्यूजन के लिए इस्तेमाल की गई सिरिंज या सुइयों को निष्फल कर दिया जाये । लेकिन यह जांचना एक बुरा विचार नहीं है कि क्या कर्मचारी प्रत्येक डोनर के लिए डिस्पोजेबल सुई का एक सेट का उपयोग कर रहा है या नहीं।




कौन रक्तदान नहीं कर सकता है – Who cannot donating blood

i) बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिला ब्लड डोनेट नहीं कर सकती।
ii) हिमोग्लोबिन 5 प्रतिशत से कम होने पर रक्तदान नहीं दिया जाता है।
iii) जिन्हें आगे आने वाले 12 घंटों में लंबी यात्रा, वायु यात्रा करनी हो या किसी तरह का भारी काम करना हो।
iv) श्वास की बीमारी जैसे लगातार खांसी, जुखाम, गला खराब, या लंबे समय से एंटीबायोटिक ले रहे हों या अस्थमा के मरीज जो स्टीरइड ले रहे हों।
v) किसी तरह का कोई मेजर/ माइनर ऑपरेशन हुआ हो।
vi) हृदय रोगी जो एंजाइना, ब्लॉकेज के मरीज हो।
vii) अंत:स्रावी ग्रंथियों के रोगियों से रक्त नहीं लिया जाता।
viii) डायबिटीज के रोगी जो इंसुलिन लेते हो।
ix) किडनी, पाचनतंत्र के रोगी रक्तनदान नहीं कर सकते।
x) हेपेटाइटिस, एचआईवी एड्स, सिफिलिस, टीबीआदि के रोगी रक्त दान नहीं कर सकते।
xi) बेहोशी या मिर्गी आती हो, या जो पिछले 3 वर्षो में पीलिया हुआ हो।
xii) जो एस्प्रीन, एन्टीथायरॉइड, एन्टीबायोटिक, स्टीरइड आदि दवाइयां ले रहे हों।
xiii) वह महिलाएं जो पिछले 6 महीनों में गर्भवती हुई हो

Blood Donation Chart in Hindi | कौन किसे रक्तदान कर सकता है?

कौन सा ब्लड ग्रुप वाला व्यक्ति किससे ब्लड ले सकता है? Compatible Blood Types

रक्त प्रकार रक्त दे सकता है रक्त ले सकता है
A+ A+ AB+ A+ A O+ O
O+ O+ A+ B+ AB+ O+ O
B+ B+ AB+ B+ B O+ O
AB+ AB+ Everyone
A A+ A AB+ AB A O
O Everyone O
B B+ B AB+ AB B O
AB AB+ AB AB A B O

Blood Donation Importance & Benefits in Hindi – रक्तदान के फायदे व लाभ

i) नियमित रक्तदान से कुछ बड़ी शारीरिक समस्याओं को कम किया जा सकता है जैसे कोरोनरी ह्रदय रोग,स्ट्रोक, कोलेस्ट्रोल इत्यादि।
ii) नियमित रक्त दान करने वाला व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर सहजता से रक्त पा सकता है।
iii) खूनदान करने का सबसे बड़ा फायदा यह हैं की इससे डोनर के अन्दर छुपी सभी बिमारियों के बारे में पता चल जाता हैं। क्योंकि रक्तदान करते समय 7 तरह के टेस्ट किये जाते हैं, अगर व्यक्ति को कोई बीमारी हैं तो उसका पता चल जाता हैं।
iv) रक्त दान करने के लाभ, नयी रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में वृद्धि होता है। उसके सेल्स ज्यादा हेल्दी होते हैं। नया खून बनने के कारण शरीर और भी ज्यादा चुस्त और दुरुस्त रहता हैं।
v) हीमोक्रोमिटोसिस के साथ संपर्क सहज होता है, जिससे ज्यादा फैट और कैलोरी बर्न होती है।
vi) रक्तदान से खून पतला होता है जो की दिल के लिए काफी फायदेमंद होता है । दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरे भी कम हो जाता है। जिससे असमय होने वाले हार्ट अटैक के खतरे की सभांवना भी खत्म हो जाती है।
vii) रक्तदान से किसी का जीवन बचाया जा सकता है जिससे समाज के प्रति कर्त्तव्य का निर्वाह होता है।
viii) 450 मि.ली. रक्त से 3 लोगों का जीवन बचाया जा सकता है|

Blood Donation Drawback in Hindi – रक्तदान के नुकसान व हानि

हम आपको यह स्पष्ट कर देंना चाहते है की रक्तदान पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे आपकी सेहत को कोई नुकसान नहीं होता है, हाँ कुछ क्षणिक प्रभाव देखने को मिल सकते है जैसे की
i) पसीना आना
ii) ठंड महसूस होना
iii) चक्कर आना
iv) जी मिचलाना
v) उत्तेजना
vi) कुछ लोगों को उल्टी की तरह अधिक गंभीर समस्या का अनुभव हो सकता है।

मौका दीजिये अपने खून को, किसी की रगों में बहने का…
ये लाजवाब तरीका है , कई जिस्मों में ज़िंदा रहने का

नोट Note – ब्लड डोनेट करने के बाद आप पहले की तरह ही कामकाज कर सकते हैं। इससे शरीर में किसी भी तरह की कमी नहीं होती।
इस मैसेज को हर आदमी व हर ग्रुप में पहुचाऎ ताकि रक्तदान करने वालो की गलतफहमी दूर हो सके तथा रक्तदान नहीं करने वाले भी ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करके खुद भी स्वस्थ रहे तथा कई लोगों की जान बचा सके।

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Reference From
www.myupchar.com

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