Air Pollution : Causes, Effects and Solution in Hindi | वायु प्रदूषण से कैसे बचे


Air Pollution : Causes, Effects and Solution in Hindi | वायु प्रदूषण : समस्या व समाधान – वायुमण्डल पर्यावरण का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। मानव जीवन के लिए वायु का होना अति आवश्यक है। वायुरहित स्थान पर मानव जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। हमारे वायुमण्डल में नाइट्रोजन, आक्सीजन, कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड आदि गैस एक निश्चित अनुपात में उपस्थित रहती हैं। यदि इनके अनुपात के सन्तुलन में परिवर्तन होते हैं तो वायुमण्डल अशुद्ध हो जाता है, इसे अशुद्ध करने वाले प्रदूषण कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, नाइट्रोजन आक्साइड, हाइड्रोकार्बन, धूल मिट्टी के कण हैं जो वायुमण्डल को प्रदूषित करते हैं।



Air Pollution : Causes, Effects and Solution in Hindi

मानव वायु के बिना 5-6 मिनट से अधिक जिन्दा नहीं रह सकता। एक मनुष्य दिन भर में औसतन 20 हजार बार श्वास लेता है। इसी श्वास के दौरान मानव 35 पौण्ड वायु का प्रयोग करता है। यदि यह प्राण देने वाली वायु शुद्ध नहीं होगी तो यह प्राण देने के बजाय प्राण ही लेगी। तो आइये वायु प्रदूषण से जुड़े कारण , वायु प्रदषूण के दुष्टप्रभाव तथा वायु प्रदषूण के समाधान और रोकथाम के उपाय के बारे में विस्तार से जाने।

Air Pollution Causes in Hindi | वायु प्रदूषण के कारण

वायु प्रदूषण के प्रमुख स्त्रोतों में प्राकृतिक व मानवीय स्त्रोत मुख्य रूप से शामिल हैं।

i) प्राकृतिक स्त्रोत के तहत आंधी-तूफान के समय उड़ती धूल, ज्वालामुखियों से निकली हुई राख, कोहरा, वनों में लगी हुई आग से उत्पन्न् धुआं, वनों में पौधों से उत्पन्न् हाइड्रोजन के यौगिक एवं परागकण तथा दल-दल व अनूपों में अपघटित होते पदार्थों से निकली मीथेन गैस वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं।
ii) वहीं दूसरी ओर मानव स्त्रोत के तहत औद्योगिकीकरण, दहन प्रक्रिया (जैसे घरेलु कार्यों में दहन, वाहनों में दहन व ताप विद्युत ऊर्जा के लिए दहन), औद्योगिक निर्माण, आणविक ऊर्जा, कृषि कार्यों में कीटनाशकों का उपयोग व विलायकों के उपयोग, धूम्रपान आदि वायु प्रदूषण के लिए शामिल हैं।
iii) घरेलु कार्यों में दहन के तहत खाना पकाने व पानी गर्म करने में कोयला, लकड़ी, गोबल के कंडे, उपलों, मिट्टी का तेल आदि से जो ऊष्मा उपयोग की जाती है उससे कार्बन-डाय-आक्साइड, कार्बन-मोनो-आक्साइड, सल्फर-डाय-आक्साइड आदि जैसी गैसें निकलती हैं जो वायु प्रदूषण का कारण हैं।
iv) वाहनों में दहन प्रक्रिया के तहत मोटरकार, मोटर साइकिल, स्कूटर, ट्रक, बस, डीजल रेल इंजिन आदि जैसे साधनों में पेट्रोल व डीजल का उपयोग किया जाता है जो वायुमंडल में हाइड्रोकार्बन व नाइट्रोजन छोड़ते हैं। यह भी वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक हैं।
v) औद्योगिकीकरण के कारण वायुमंडल में कार्बन-डाय-आक्साइड, कार्बन-मोनो-आक्साइड, सल्फर-डाय-आक्साइड, हाइड्रो कार्बन, सीसा, क्लोरीन, अमोनिया, मैडमियम, बेंजीपाइस, धूलकण, रेडियो एक्टिव पदार्थ, आर्सेनिक, बेरिलियम आदि वायु को प्रदूषित करते हैं।




Air Pollution Effects in Hindi | वायु प्रदूषण के दुष्टप्रभाव

i) वायु प्रदूषण के कारण जीव-जंतुओं का श्वसन तंत्र और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित होती है। वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चो और बुजर्गो पर देखने को मिलता हैं
ii) वायु प्रदूषण के कारण मनुष्यों को दमा, गले का दर्द, निमोनिया, एम्फायसीमा, ब्रोंकाइटिस, सिरदर्द, उल्टी, फेफड़े का कैंसर, हृदय रोग, जुकाम, खांसी व आंखों में जलन आदि जैसी समस्या पैदा हो सकती है।
iii) वायु प्रदूषण केवल मनुष्यों को ही नहीं बल्कि वनस्पतियों, जीव-जंतुओं, जलवायु, मौसम, ऐतिहासिक इमारतों और यहां तक की ओजोन परत को भी नुकसान पहुंचाता है।
iv) वायु प्रदूषण के कारण सूर्य के प्रकाश की मात्रा में कमी आती है जिससे पौधों की प्रकाश संश्लेषण की क्रिया प्रभावित होती है
v) वायु प्रदूषण के कारण ही पृथ्वी को सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से बचाने वाली ओजोन परत में छिद्र हो गया है। ऐतिहासिक इमारतें बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
vi) यही नहीं मौसम पर भी वायु प्रदूषण का विपरीत प्रभाव पड़ता है। जिसकी वजह से बाढ़ और सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ सकता हैं
vii) वाहनों व कारखानों से निकलने वाले धुएँ में सल्फर डाइ आक्साइड की मात्रा होती है जो कि पहले सल्फाइड व बाद में सल्फ्यूरिक अम्ल (गंधक का अम्ल) में परिवर्तित होकर वायु में बूदों के रूप में रहती है। वर्षा के दिनों में यह वर्षा के पानी के साथ पृथ्वी पर गिरती है जिसमें भूमि की अम्लता बढ़ती है और उत्पादन-क्षमता कम हो जाती है। साथ ही सल्फर डाइ आक्साइड से दमा रोग हो जाता है।

Air Pollution Prevent tips in Hindi | वायु प्रदूषण रोकथाम के उपाय

i) कारखानों को शहरी क्षेत्र से दूर स्थापित करना चाहिए, साथ ही ऐसी तकनीक उपयोग में लाने के लिए बाध्य करना चाहिए जिससे कि धुएँ का अधिकतर भाग अवशोषित हो और अवशिष्ट पदार्थ व गैसें अधिक मात्रा में वायु में न मिल पायें।
ii) शहरी करण की प्रक्रिया को रोकने के लिए गाँवों व कस्बों में ही रोजगार व कुटीर उद्योगों व अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराना चाहिए।
iii) वनों की हो रही अन्धाधुन्ध अनियंत्रित कटाई को रोका जाना चाहिए। इस कार्य में सरकार के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाएँ व प्रत्येक मानव को चाहिए कि वनों को नष्ट होने से रोके व वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग ले।
iv) ऐसे ईंधन के उपयोग की सलाह दी जाए जिसके उपयोग करने से उसका पूर्ण आक्सीकरण हो जाय व धुआँ कम-से-कम निकले। तथा वाहनों में ईंधन से निकलने वाले धुएँ को ऐसे समायोजित, करना होगा जिससे की कम-से-कम धुआँ बाहर निकले।
v) शहरों-नगरों में अवशिष्ट पदार्थों के निष्कासन हेतु सीवरेज सभी जगह होनी चाहिए।
vi) निर्धूम चूल्हे व सौर ऊर्जा की तकनीकि को प्रोत्साहित करना चाहिए।
vii) पाठ्यक्रम में शामिल कर बच्चों में इसके प्रति चेतना जागृत की जानी चाहिए।
viii) वायु प्रदूषण के समाधान और रोकथाम के उपाय से जुड़ी जानकारी व इससे होने वाली हानियों के प्रति मानव समाज को सचेत करने हेतु प्रचार माध्यम जैसे दूरदर्शन, रेडियो पत्र-पत्रिकाओं आदि के माध्यम से प्रचार करना चाहिए।
ix) केवल सीसामुक्त पेट्रोल का इस्तेमाल करें। बाहर के मुकाबले घरों में प्रदूषण का प्रभाव कम होता है इसलिये जब प्रदूषण अधिक हो तो घरों के अन्दर चले जाएँ।
x) आपके खेतो में बचे डंठल तथा बचे अवशेष ,बगीचे में सूखी पत्तियाँ हों तो उन्हें जलाएँ नहीं, बल्कि उसकी खाद बनायें।



Air Pollution Solution tips in Hindi | वायु प्रदूषण के समाधान और उपाय

i) वायु प्रदूषण से बचने के लिए घूमने और टहलने के लिए पार्क और खुले स्थानों में न जाकर घर पर गहरी साँस लेने व्यायाम करना चाहिए
ii) अपनी इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए अपने आहार में गुड़, तुलसी के पत्ते और शहद को शामिल करें।
iii) आप भाप लेने के लिए गर्म पानी में नीलगिरी के तेल का उपयोग कर सकते हैं। यह आपके फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
iv) वायु प्रदूषण से निपटने का एक अन्य तरीका निजी स्वच्छता है। घर आने पर या किसी भी स्थान पर पहुंचने के बाद चेहरा और हाथ धोना चाहिए। आप अपने आप को शुद्ध करने के लिए गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं।
v) लंबी दुरी के सफर के लिए ऑटो या दो-पहिया वाहन और ऑटो रिक्शा जैसे खुले वाहनों में जाने से बचें। इसके बजाय बस या मेट्रो या कारपूल जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
vi) पूर्ण आस्तीन वाले कपड़े पहनना और हाथ और मुंह को हर कुछ घंटों के बाद धोते रहना चाहिए। एक अच्छी गुणवत्ता वाले प्रदूषण मास्क का उपयोग करके अपना चेहरा ढंकना चाहिए।
vii) वायु प्यूरीफायर का इस्तेमाल भी उपयोगी हो सकता है वायु प्यूरीफायर में वायु से अशुद्धियां और घातक कणों को खत्म करने की शक्ति होती है।
viii) जहरीली गैसों को कम करने के लिए कुछ पौधे बेहद काम आ सकते हैं। इस तरह के पौधों में एलो वेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी इत्यादि शामिल हैं ऐसे पौधों में खुजली, जलन, लगातार जुकाम, एलर्जी और आंखों में जलन से बचाव में ये पौधे काफी सहायक होते हैं।

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Reference From
educationherald.in

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