love vs friendship in Hindi | प्यार और दोस्ती में फर्क


love vs friendship in hindi

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love vs friendship in Hindi, प्यार और दोस्ती दोनों ही बहुत खूबसूरत रिश्ता हैं, ईश्वर ने जब दुनिया बनाई और रिश्तों को एक नई पहचान दी तो उन सबसे बढ़कर दो रिश्ते बनाये.. सभी खून के रिश्तों से हटकर… अपने-पराये, जाति-धर्म-समाज, देश-विदेश की सीमाओं से परे, जहाँ मजहब और रंग-रूप से भी कोई मतलब नहीं.. पहला-दोस्ती और दूसरा प्यार । हममे से लगभग हर एक की जिंदगी में एक समय आता हैं जब हम इन रिश्तो में उलझ कर रह जाते हैं खासकर उलझन तब बढ़ जाती हैं जब यह अपोजिट सेक्स यानि किसी लड़के और लड़की के बीच का मामला हो |




love vs friendship in Hindi

एक महिला और एक पुरुष जब एक दूसरे से भावनात्मक रुप से जुड़ते हैं, तो दोनों में से कोई एक-दूसरे के प्रति आर्किषित होता है. वह आकर्षण वाकई में दोस्ती हैं उससे बढ़कर प्यार यह समझ पाने में काफी दिक्कत आती हैं बरहाल यह सवाल पुराने समय से चला आ रहा हैं प्यार और दोस्ती में क्या फर्क हैं ? (Differences Between Love and Friendship in Hindi ). अच्छे अच्छे जानकार भी love vs friendship in Hindi को बताने में असक्षम रहे हैं। लेकिन हम कुछ पॉइंट्स के आधार पे आपकी इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिस कर रहे हैं

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Differences Between Love and Friendship in Hindi

i) Physical Relationship :- क्या आपके मन में अपने दोस्त के प्रति फिजिकल डिजायर्स यानि उसको छूने,किश करने, उसके साथ सेक्स करने का मन होता है? अगर इसका जवाब हां है, तो समझ जाइए यह सब दोस्ती से बढ़कर है। दोस्ती में जहां प्यार, विश्वास और साथ होता है, वहीं प्यार में प्यार, विश्वास और साथ के अलावा सेक्स भी होता है. यह एक शब्द में ही सबसे बड़ा (love vs friendship) का अंतर छिपा होता है और अगर उसके साथ सोने के ख्याल भर से ही आपको अजीब लग रहा है, तो यह दोस्ती से ज्यादा कुछ नहीं।

ii) Jealousy :- जब आपका साथी किसी और को डेट करने लगे या फिर किसी की ज्यादा तारीफ करने लगे तो क्या आपको जलन होती है? जवाब हां है तो यह प्यार है। और अगर ऐसा नहीं होता तो यह दोस्ती से ज्यादा कुछ नहीं।

iii) Feelings :- क्या आप उससे मिलने, बात करने, कॉल करने या आसपास रहने के बहाने ढूंढने लगे हैं? जवाब हां में है तो आपको प्यार हो चुका है। दोस्त भी एक दूसरे के साथ-साथ रहते हैं, लेकिन उनके बीच ऐसा करने की इतनी स्ट्रॉन्ग फीलिंग नहीं होती। जो की love vs friendship के अंतर को साफ दर्शाता है




iv) Attraction :- क्या आप अपनी लुक्स को लेकर परेशान रहते हैं?अपने साथी से मिलने जाना हो या फिर उसके वास्ता पड़ना हो तो क्या कपड़ों और साज-सज्जा का ज्यादा ख्याल रखते हैं? ऐसा इसलिए, क्योंकि आप अपनी इमेज को लेकर कॉन्शस रहते हैं। ऐसा तो इंसान प्यार में ही करता है, दोस्ती में नहीं।

v) Possessive :- आप अपने साथी की हर एक बात को जानना चाहते हो जैसे की वह किससे कितनी देर बाते करता हैं ? कौन है जिससे वह चैट करता रहता है? पसंद -नापसंद जैसी चीजे ,दोस्ती में इतनी चिंता नहीं रहती है, इतना possessiveness तो बस प्यार करने वाले ही दिखा सकते हैं।

vi) Protective:- आपके दोस्त का आपके प्रति ओवर प्रोटेक्टिव होेने का संकेत दोस्ती से बढ़कर हैं ये अच्छी बात है कि आपका दोस्त आपकी सुरक्षा को लेकर थोड़ा प्रोटेक्टिव रहता है। लेकिन अगर वो आपकी सुरक्षा को लेकर ज्यादा ही प्रोटेक्टिव रहता है तो शायद वो आपको एक संकेत दे रहा है। और यदि आपको उसका आपके प्रति ओवर प्रोटेक्टिव रहना अच्छा लगता है तो यह प्यार का संकेत है। जो की love vs friendship के अंतर को साफ दर्शाता है

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vii) दोस्त के साथ हर बात शेयर करते हैं लेकिन प्यार हो जाने पर अपनी भावनाएं छिपाते हैं अगर आपकी दोस्ती अच्छी है तो आप अपने दोस्त से हर बात शेयर करते हैं। यदि आपको कोई और पसंद होता है तो आप इसके बारे मे अपने दोस्त को ज़रुर बताते हैं। लेकिन अगर आप कुछ चीजें अपने दोस्त से छिपाते है, जैसे – भावनायें। तो यह इस बात का संकेत है कि आपकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में तब्दील हो रही है।

viii) कोई नहीं जानता कब दोस्ती में प्यार हो जाए? मगर एक बात जो स्पष्ट हैं, दोस्ती आगे बढ़कर प्यार में बदल सकती है मगर प्यार कभी दोस्ती में नहीं बदल सकता । अतः प्यार के लिए दोस्ती जरुरी हैं न की दोस्ती के लिए प्यार । मामला साफ़ है, प्यार और दोस्ती एक दुसरे के पूरक हो सकते हैं लेकिन कहीं-कहीं. हर जगह नहीं.

ix) दोस्ती में लोग एक-दूसरे से दूर भी हो जाते हैं तो हमेशा दुःख नहीं होता. कह सकते हैं कि दोस्ती गहरी या हल्की हो सकती है क्योंकि किसी के दोस्तों कि संख्या अक्सर एक से ज्यादा होती है.. नए-नए दोस्त बनते जाते हैं और बिछड़े दोस्तों की कमी पूरी होती जाती हैं.
जबकि व्यक्ति के जीवन में प्यार सिर्फ एक बार आता है.. दोस्ती की तरह, हर कदम पर प्यार नही मिलता आगे बढते रहो और रोज नया प्यार मिलता रहे ऐसा संभव नहीं दोस्ती टूटने के बाद अक्सर नए दोस्त बनाते देखे गए हैं मगर प्यार में जब दिल टूटता है तो भीड़ में भी तन्हाइ का एहसास होता हैं।

x) दोस्ती टूटने के बाद लोग अपने दोस्त की कमियां निकालकर शांत बैठ जाते हैं और दूसरे कामों में लग जल्द ही उससे उबर जाते हैं..
मगर प्यार के मामले में एकदम उल्टा होता है.. लोग पूर्व साथी की सारी गलतियां भुला अपनी कमियां ढूंढने लग जाते हैं और रूठे दोस्त को मनाने की भरपूर कोशिस करते हैं

xi) दोस्ती अक्सर आपसी सहमति और गुस्से में टूटती है.. जबकि प्रेमी-जोड़ो के अलग होने के मामलों में एक-तरफ़ा बेवफाई या किसी अन्य के बीच में आ जाने के कारण टूटते हुए देखा गया है.

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