loose motion : treatment, causes in Hindi | दस्त व डायरिया के घरेलू उपचार


loose motion : treatment, causes and symptom in Hindi | यह पेट से संबंधित विकार है जिसमे व्यक्ति को सामान्य से अधिक गति के साथ कई बार (यानि थोड़ी थोड़ी देर के अंतराल पर) ढीला मल आता है |
साथ ही साथ पेट में ऐंठन, दर्द, बुखार, सूजन और कमज़ोरी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। लगातार होने वाले मल त्याग के कारण गुदा क्षेत्र में खुजली, जलन, कष्ट या दर्द भी हो सकता है।




loose motion treatment, causes & symptom in Hindi

loose motion जिसे आम बोल चाल के भाषा में दस्त, डायरिया कहते है | अगर रोगी को मल के साथ साथ सफेद अथवा लाल रंग का चिपचिपा पदार्थ निकलता हो तो इसे पेचिस भी कहते है | वैसे तो यह पेट से जुड़ा सामान्य रोग है और मामूली देखभाल से स्वतः ठीक भी हो जाता है | लेकिन अगर यह समस्या लम्बे समय तक रहती है तो तुरंत चिकित्शक से सलाह लेने में समझदारी हैं आज हम आपको loose motion से जुड़े कुछ अहम चीजों के बारे में आपको बातएंगे जो की है ……
a) loose motion causes & reasons in Hindi | दस्त व डायरिया के कारण
b) loose motion symptoms & signs in Hindi | दस्त व डायरिया के लक्षण
c) loose motion precaution in Hindi | दस्त व डायरिया के दौरान जरुरी सावधानियाँ
d )loose motion treatment in Hindi | दस्त व डायरिया का घरेलू इलाज

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Causes of loose motion in Hindi | दस्त व डायरिया होने के कारण

i) दूषित भोजन व पानी के सेवन से
ii) food poising अथवा over diet (जरुरत से ज्यादा खाना खाने से)
iii) आंतों में संक्रमण वायरस , बैक्टीरिया या परजीवी वजह से हो सकता है।
iv) दस्त लगने का कारण दवाएँ भी हो सकती है। एसीडिटी में ली जाने वाली एंटासिड या मल्टी विटामिन जिसमे मैग्नेशियम होता है दस्त लगा सकती हैं। एंटी बायोटिक या दर्द निवारक दवा या ब्लड प्रेशर के लिए ली जाने वाली दवा से भी दस्त ( loose motion ) लग सकते है।
v) डर , चिंता , टेंशन आदि भी दस्त का कारण हो सकते है।
vi) ज्यादा शराब पीने से , डायबिटीज के कारण या एलर्जी के कारण भी लूज़ मोशन हो सकते है।
vii) गुर्दे , लीवर या फेफड़ों की बीमारी के कारण भी दस्त लग सकता है।
viii) बासी व ज्यादा ठंडा खाना, फास्ट फूड व ज्यादा तेल,मिर्च, मसाला के सेवन भी दस्त व डायरिया का कारण बन सकता हैं |




Symptoms of loose motion in Hindi | दस्त व डायरिया के लक्षण

पतला या पानी जैसा मल निकलना, पतला मल निकलने के अलावा पेट में दर्द , खिंचाव , मरोड़ आदि हो सकते है। कभी कभी जी घबराना अथवा उल्टी भी हो सकती है। अधिक दस्त होने से शरीर में पानी और खनिज तत्वों की कमी हो जाती है जिससे कमजोरी, बुखार और रोगी को चक्कर व बेहोशी भी आ सकती है

Precaution during loose motion in Hindi

दस्त व डायरिया के दौरान जरुरी सावधानियाँ व प्राथमिक चिकित्शा जिसको अपनाकर गंभीर समस्या से बचा जा सके। …..

i) दस्त के कारण निर्जलीकरण और कमजोरी की समस्या से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए |
ii) नमक चीनी का घोल अथवा ओ. आर. एस. पैकेट और ज़िक की गोली का उपयोग थोड़े थोड़े समय के अंतराल पे करते चाहिए जिससे की शरीर में पानी की कमी न हो सके
iii) पानी को गर्म करके तथा छान कर पीना चाहिए
iv) हल्का और सादा भोजन का सेवन करे जो की आसानी से digest हो सके
v) dairy पदार्थो के सेवन से परहेज करना चाहिए
vi) अपने आस पास की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए | शौच के बाद हाथ पैर अच्छी तरीके से साफ करना चाहिए
vii) कॉफी अथवा चाय की जगह हर्बल चाय का उपयोग करना चाहिए
viii) ज्यादा दस्त की समस्या होने पर आराम करना चाहिए अथवा अधिक थकान और कमजोरी हो सकती हैं
ix) जब तक हो सके बच्चे को माँ का दूध पिलायें।
x) बच्चे को दूध पिलाने के लिए बोतल के बजाये कटोरी और चम्मच ही प्रयोग में लें।
xi) भोजन को सदेव ढक कर ही रखें। जब भी भोजन खाए तो पहले अच्छे से हाथ-पैर धोएं।

उल्टी , जी मिचलाना के कारण और इलाज

loose motion Home remedies in Hindi | दस्त व डायरिया का घरेलू उपचार

i) एक कप कच्चा दूध ले और उसमे नीबू का रस मिला कर पिये। आपको दस्त से आराम मिलेगा। याद रहे दूध फटने से पहले सेवन करे।
ii) अपने भोजन में दही और चावल को शामिल करे। आप चाहे तो मिश्री भी मिला सकते है। इससे आपकी दस्त कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएगी।
iii) जीरा और सौंफ दोनों को बराबर मात्रा में मिला कर भुन ले और पिस ले। अब इसे आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ ले, दस्त व डायरिया का यह बेहतरीन घरेलू इलाजो में से एक हैं।
iv) केले, चावल, सेब का मुरब्बा और टोस्ट का मिश्रण जिसे ब्राट कहते हैं, इसके इस्तेमाल से राहत मिलती है।
v) केले और चावल आंतों की गति को नियंत्रित करने और दस्त को बांधने में सहायता करते हैं।
vi) मैथी को पिस ले और उसका पाउडर तैयार कर ले। सुबह सुबह एक गिलास पानी में दो चम्मच मैथी पाउडर डाले और इसे खाली पेट पिये। आपको लाभ मिलेगा, ऐसा आप तिन दिनों तक करे।
vii) कपूर (पिसा हुआ) और दो चुटकी चीनी मिलाकर फांक लें। ऐसी 2-3 खुराक लेने पर पतले दस्त बन्द हो जाते हैं। बड़ी आयु वाले इसकी मात्रा बढ़ाकर लें। बच्चों के लिए यही मात्रा ठीक है। यह बहुत ही उपयोगी
viii) एक गिलास छाछ (lassi) में 12 ग्राम शहद मिलाये और दिन में 3 बार पिए । यह पतले दस्त रोकने के घरेलु उपाय मे बहुत लाभकारी माना जाता है।
ix) बच्चो को दस्त लगने पर ओ. आर. एस. पैकेट और ज़िक की गोली का उपयोग थोड़े थोड़े समय के अंतराल पे करते चाहिए जिससे की शरीर में पानी की कमी न हो सके
x) मेथी में antifugnal और antibacterial गुण होता है जो दस्त के रोगियों के लिए काफी प्रभावशाली होता है | मेथी के पावडर का सेवन गर्म पानी के साथ करने से दस्त में काफी आराम मिलता हैं |

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