Irregular Periods Causes, Treatment in Hindi | अनियमित माहवारी का इलाज





Irregular Periods, Irregular Menstruation Problem Solutions in Hindi | अनियमित माहवारी व अनियमित मासिक धर्म और चक्र जिसे medical science में Oligomenorrhea कहते है जो की महिलाओ में होने वाली एक सामान्य समस्या हैं | Hormonal change शादी के बाद सामान्य है लेकिन समय पर डॉक्टर की राय नहीं लेने पर कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती है जिसमे मासिक धर्म की अनियमता भी प्रमुख हैं |
आज हम आपको Irregular Periods (अनियमित मासिक चक्र ) से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बातो के बारे में विस्तार पूर्वक बातएंगे जो की निम्नलिखित हैं ……..

1) Irregular Periods in Hindi | अनियमित मासिक धर्म क्या हैं ?
2) Irregular Periods causes in Hindi | अनियमित पीरियड्स के कारण?
3) Irregular Periods symptoms in Hindi | अनियमित मासिक चक्र के लक्षण?
4) Irregular Periods treatment in Hindi | अनियमित माहवारी धर्म के घरेलू उपाय?

Irregular Periods Causes, Treatment in Hindi




Irregular Menstruation Problem in Hindi | अनियमित पीरियड्स क्या हैं ?

अनियमित पीरियड वह होता है, जिसमें माहवारी की अवधि यानि की मासिक चक्र एक चक्र से दूसरे चक्र तक लम्बी हो जाती है, या वे बहुत जल्दी-जल्दी होने लगती हैं । साधारणतः पीरियड्स की कालावधि 21 से 35 दिनों तक की ही होती है। जबकि अनियमित पीरियड्स 35 से उससे ज्यादा दिन के अंतराल में होते है। महिलाओ को एक साल में 11 से 13 पीरियड्स आते है इस संख्या से कम या ज्यादा होना अनियमित पीरियड्स के लक्षण हैं | आज की दौड़ती-भागती जिंदगी में महिलाओं में मासिक धर्म या पीरियड का अनियमित होना एक आम समस्या है। समय पर पीरियड न होना कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन लम्‍बे समय तक इस ओर ध्‍यान न देना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

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Irregular Periods reasons in Hindi | अनियमित माहवारी के कारण?

पीरियड्स के अनियमित होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे की …….

i) पीरियड शुरू होने के शुरूआती समय में कई टीनएजर्स को अनियमित पीरियड होने की समस्‍या रहती है। इस दौरान शरीर के हार्मोन समायोजित नहीं होते और ओवरीज से हर महीने एग्‍स रिलीज नहीं हो पाते।टीनएजर्स में, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम नामक हार्मोन का असंतुलित होना आम बात है। यह हार्मोन ही पीरियड को प्रभावित करता है। जिस कारण आपका साइकिल अनियमित होने लगता है, यह समस्‍या 3 माह के अंदर स्वतः ठीक हो जाती है।

ii) शादी के बाद महिला की जिन्दगी में आने वाले भावनात्मक और हार्मोनल बदलाव जैसे की अत्यधिक तनाव और अवसाद या थकान की वजह भी मासिक धर्म के नियमित होने पर भी बुरा असर डालता है | तनाव के कारण GnRH नामक हार्मोन की मात्रा कम बनने लगती है, जो की मासिक धर्म की अनियमतता का एक बड़ा कारण है।

iii) शादी के बाद सामान्यत महिला गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल करती है – pill और अन्य medical साधन इस्तेमाल करती है जिसकी वजह से hormonal balance बिगड़ जाता है और उसे सामान्य होने में वक़्त लगता है और यह भी आपकी periods की regularity ,amount और अवधि को प्रभावित करता है |

iv) ओवरी में सिस्‍ट और उसके कारण सही समय पर पीरियड्स का न आना पीसीओएस कहलाता है। हार्मोन में ज़रा सा भी बदलाव मासिक धर्म चक्र पर तुरंत असर डालता है।

v) जब महिला अपनी 40 या 50 की उम्र में होती है तब उसके हार्मोन लेवल में परिवर्तन आने लगता है, जिससे पता चलता है कि उसके पीरियड्स अब हमेशा के लिये बंद हो जाएंगे।

vi) अचानक बीमार होना जैसे बुखार, कोल्‍ड, कफ या फिर लम्‍बे समय तक बीमार रहना भी पीरियड को अनियमित करता है। आमतौर पर यह अस्थायी होता है। आप जैसे-जैसे अपनी बीमारी से उबरने लगते हैं आपके पीरियड रेग्‍यूलर होने लगेगें।

Irregular Periods signs in Hindi | अनियमित मासिक चक्र के लक्षण?

i) सामान्य पीरियड्स की कालावधि 21 से 35 दिनों तक की ही होती है। जबकि अनियमित पीरियड्स 35 से या उससे ज्यादा दिन के अंतराल में होते है ।
ii) महिलाओ को एक साल में 11 से 13 पीरियड्स आते है इस संख्या से कम या ज्यादा होना अनियमित मासिक चक्र के लक्षण हैं ।
iii) सात दिन से ज़्यादा पीरियड्स आना
iv) माहवारी के आख़िरी दिनों में भी हर घंटे पैड बदलने की ज़रूरत
v) 21 दिनों से पहले पीरियड्स आना, 2 पीरियड्स के बीच अचानक ब्लीडिंग होना
vi) मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला के शरीर में हमेशा दर्द रहता हैं. खासतौर महिला के स्तनों में, पेट में, हाथ – पैर में तथा कमर में ।
vii) महिला को पेट में कब्ज तथा दस्त, भूख में कमी जैसे लक्षण भी देखनो को मिलती हैं ।
viii) मासिक धर्म की अनियमितता होने से महिला के शरीर में स्थित गर्भाशय में रक्त का थक्का बन जाता हैं तथा गर्भाशय में दर्द भी रहता हैं ।

Irregular Periods Home Remedies in Hindi | अनियमित माहवारी धर्म के घरेलू उपाय

i) अनार के सूखे छिलके पीसकर छानकर रख लें। जब पीरियड्स अधिक आ रहा हो तब इसका सेवन करने से लाभ मिलेगा।
ii) 200 ग्राम पानी में 2 ग्राम धनिया तब तक उबालें। जब पानी 50 ग्राम रह जाए तो छानकर मिसरी के साथ पिएँ। इससे माहवारी के समय आने वाली हैवी ब्लीडिंग रुक जाती है।
iii) देसी शक्कर, पिसा धनिया और घी मिलाकर खाने से ख़ून आना रुक जाता है। चावल के पानी के साथ पिसा धनिया लेने से पीरियड्स के समय अधिक हो रही ब्लीडिंग रुक जाती है।
iv) गुड़ में तिल के बीज और जीरा पाउडर मिलाकर खाने से माहवारी समय पर होती है।
v) गुनगुने पाने में थोड़ा शहद, नींबू और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से पीरियड्स जल्दी आते हैं।
vi) गर्म दूध में केसर के दो धागे मिलाकर पीने से भी फ़ायदा मिलता है।
vii) सौंफ खाने से माहवारी समय पर आती है। पीरियड्स आने के 10 दिन पहले से ही सौंफ का काढ़ा पीना शुरु कर दें।
viii) 5 अंजीर दूध में डालकर उबालकर उनका सेवन करना चाहिए, अनियमित माहवारी की समस्या ख़त्म हो जाएगी। पीरियड्स छूट जाने जैसी प्रॉब्लम का इलाज भी यही है।
ix) मासिक धर्म की अनियमितता को खत्म करने के लिए राई के दानों को पीस लें. अब राई के इस चुर्ण को खाना खाते समय पहले के कुछ निवालों के साथ खाएं ।
x) अनियमित मासिक धर्म में योग के कुछ आसन भी काफी लाभप्रद होते है – चक्रासन, सर्वांगासन, भुजंगासन

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