Bhaiya Dooj puja vidhi in Hindi | भैया दूज पूजन विधि, पूजा मुहूर्त, पूजन सामग्री


Bhaiya Dooj puja vidhi in Hindi, भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और कर्तव्य के सम्बन्ध को समर्पित है यह त्योहार बहन के प्रति भाईयों के दायित्वों का बोध कराता हैं। बहनें अपने प्रिय भाई की लम्बी उम्र और उनके समृद्ध जीवन के लिये कामना करती है। इसे भारत में विभिन्न स्थानों पर भाऊ बीज (गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में), भाई तिलक (नेपाल में), भरात्रु द्वितीया, भाउ-दीज, भाई फोटा (बंगाल में), नीनगोल चौकुबा (मणिपुर में) कहा जाता है।




Bhaiya Dooj puja vidhi in Hindi

हिन्दू समाज में भाई -बहन के स्नेह व सौहार्द का प्रतीक यह पर्व दीपावली दो दिन बाद मनाया जाता है। हिन्दूओं के बाकी त्यौहारों कि तरह यह त्यौहार भी परम्पराओं से जुडा हुआ है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर, उपहार देकर उसकी लम्बी आयु की कामना करती हे। बदले में भाई अपनी बहन कि रक्षा का वचन देता है।
भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है । इसलिये इस पर्व पर यम देव की पूजा भी की जाती है। एक मान्यता के अनुसार इस दिन जो यम देव की उपासना करता है, उसे असमय मृत्यु का भय नहीं रहता है।

Bhaiya Dooj Shubh Muhurat in Hindi | भैया दूज पूजा मुहूर्त

हिन्दू कैलेंडर पञ्चाङ्ग के अनुसार गोवर्धन पूजा पूरे भारतवर्ष में 21 अक्तूबर 2017 दिन शनिवार को मनाने की तिथि निर्देशित की गयी हैं।

भैया दूज शुभ मुहूर्त-भाई दूज पर तिलक लगाने या टिका करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:12 से 03:27 तक है। तिलक करने के मुहूर्त की अवधि 2 घंटे 14 मिनट की है।
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि 21 अक्टूबर 2017 सुबह 01:37 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 22 अक्टूबर 2017 प्रातः 03:00 बजे समाप्त होगी।

Bhaiya Dooj Puja Samagri in Hindi | भैया दूज की पूजा सामग्री

आरती की थाली
टीका, चावल
नारियल, गोला (सूखा नारियल) और मिठाई
ज्योत और धूप
सिर ढंकने के लिये रुमाल या छोटा तोलिया
कलावा




Bhaiya Dooj Puja Vidhi in Hindi | भैया दूज की पूजन विधि

प्रातः काल में स्नानादि कर भाई-बहन तैयार हो जाएँ।
रोली, चांडाल, चावल, घी का दिया, मिष्ठान और राखी से थाल सजाएँ। (पूजा थाली में अपने अनुसार सामग्री घटा-बढ़ा सकते हैं।)
भगवान विष्णू और गणेश जी की पूजा करें
चावल के आटे से चौक तैयार करके भाई को बैठाया जाए।
भाई के हाथों में चावल का घोल लगाकर उस पर सिंदूर लगाएं। कद्दु के फूल, सुपारी, मुद्रा हाथों पर रख कर धीरे धीरे हाथों पर पानी छोड़ें।
भाई के माथे पर तिलक लगाएं
भाई की लंबी उम्र की कामना करें और इस मन्त्र का उच्चारण करें

गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े

भाई, बहन के लिये कुछ उपहार दे
अगर संभव हो तो दोनो यमुना में स्नान करें
मान्यता है की इस दिन यदि आसमान में उड़ती हुई चील दिखे और बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करें तो वो दुआ पूरी होती है।
जो बहनें अपने भाईयों से दूर होती है और जिनका कोई भाई नहीं है वे चन्द्र देव की आरती करके अपने भाई के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने की प्रार्थना करती है।

भैया दूज का त्यौहार क्यों मनाया जाता है ?

भाई दूज के संदर्भ में एक कथा प्रचलित है. कथा अनुसार जब यमपुरी के स्वामी यमराज को अपनी बहन यमुना से मिले बहुत समय व्यतीत हो जाता हैं तब वह बहन से मिलने की इच्छा से उसके पास आते हैं. यमुना जी भाई यम को अचानक इतने दिनों के उपरांत देखती हैं तो बहुत प्रसन्न होती हैं तथा उनका खूब आदर सत्कार करती हैं. बहन यमुना के इस स्नेह भरे मिलन से तथा उसके द्वारा किए गए सेवा भाव से प्रसन्न हो यमराज उन्हें वर मांगने को कहते हैं. यमुना जी उनसे कहती हैं कि वह सभी प्राणियों को अपने भय से मुक्त कर दें.

यम उनके इस कथन को सुन कर सोच में पड़ जाते हैं और कहते हैं कि ऐसा होना तो असंभव है. यदि सभी मेरे भय से मुक्त हो मृत्यु से वंचित हो गए तो पृथ्वी इन सभी को कैसे सह सकेगी. सृष्टि संकट से घिर जाएगी. अत: तुम कुछ और वर मांग लो इस पर यमुना उन्हें कहती हैं कि आप मुझे यह आशीर्वाद प्रदान करें कि इस शुभ दिन को जो भी भाई-बहन यमुना में स्नान कर इस पर्व को मनाएंगे, वह अकाल मृत्यु के भय से मुक्त हो जाएंगे.

इस पर प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को वरदान दिया कि जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान करके भाई-बहन के इस पवित्र पर्व को मनाएगा, वह अकाल-मृत्यु तथा मेरे भय से मुक्त हो जाएगा. तभी से इस दिन को यम द्वितीया और भाई दूज के रूप में मनाया जाने लगा.

Related Links

छठ पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री
Festival wishes, Messages, Shayari, Sms in Hindi | बधाई संदेश

Reference By
hi.wikipedia.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *