दाद, खाज, खुजली का इलाज | Herpes, Eczema, Itching treatment in hindi




दाद, खाज, खुजली (daad khaaj khujli) एक गंभीर चर्म रोग है। यह “सारकोप्टीस स्केवी” नाम के रोगाणु से फैलता है और यह मुख्यत: दो तरह की होती है- तर (गीली) और सूखी । इचिंग स्किन (Itching Skin) को मेडिकल भाषा में प्रूरिट्स (Pruritus) कहा जाता है। एलोपैथी के अनुसार यह चर्म रोग, माइक्रोब्स यानि अत्यंत सूक्ष्म जीवाणुओं के संक्रमण से होता है।

खासतौर से गुप्तांगों के आसपास यह तेज़ी से फैलता है। यदि समय रहते दाद, खाज, खुजली के लक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह त्वचा पर बुरी तरीके से अपनी जड़ें जमा लेता है और कितना भी इलाज कर लो ठीक होने के कुछ दिन के बाद पुन: हो जाता है।आइये दाद, खाज, खुजली से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण चीजों के बारे में जाने

हमारे द्वारा इस लेख में बताए जाने वाले Topics
☛ Herpes, Eczema, Itching Types in Hindi | दाद, खाज, खुजली के प्रकार
☛ Herpes, Eczema, Itching causes in Hindi | दाद, खाज, खुजली होने के कारण
☛ Herpes, Eczema, Itching symptom in Hindi | दाद, खाज, खुजली होने के लक्षण
☛ Herpes, Eczema, Itching treatment in Hindi | दाद, खाज, खुजली होने के लिए घरेलू उपचार

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दाद, खाज, खुजली का इलाज




दाद, खाज, खुजली के प्रकार | Herpes, Eczema, Itching Types in Hindi

दाद, खाज, खुजली के चार प्रकार होते है खुजली (Types of Itching Skin)

  1. बिना दानों वाली दाद, खाज, खुजली
  2. दाने वाली दाद, खाज, खुजली
  3. बिना दाने या दाने वाली खुजली के अलावा खुजली पूरी त्वचा, सिर, मुख, पांव, अंगुलियों, नाक, हाथ या जननांगों आदि अंगों में हो जाती है।
  4. बिना दानों वाली या दानों वाली खुजली खुश्क या तर हो सकती है

दाद, खाज, खुजली होने के कारण । Herpes, Eczema, Itching causes in Hindi

दाद, खाज, खुजली होने के कई कारण हो सकते है । आइये इनमे से कुछ महत्वपूर्ण कारणों को जाने……

  1. सर्दी के मौसम में ठंड़ी हवा जब शरीर में लगती है तो शरीर की त्वचा सूखकर खुरदरी सी हो जाती है और उसमें तेज खुजली होने लगती है ज्यादा जोर से खुजालने पर त्वचा में निशान से पड़ जाते हैं और उनमें तेज जलन होती है।
  2. गर्मी के मौसम में शरीर में बहुत ज्यादा पसीना आता है और जब यह पसीना त्वचा पर सूख जाता है तो खुजली पैदा हो जाती है।
  3. पेशाब करने के बाद स्वच्छ जल से जननांग को साफ नहीं किया जाए तो जीवाणुओं के संक्रमण से खुजली होती है
  4. बाहर निकलने पर जब धूल-मिट्टी शरीर पर लगती है तो भी खुजली पैदा हो जाती है।
  5. रसायनिक चीज़ों साबुन, चूना, सोडा, डिटर्जेंट आदि का ज़्यादा प्रयोग
  6. महिलाओं में मासिक धर्म की गड़बड़ी
  7. किसी दाद, खाज, खुजली वाले व्यक्ति के कपड़े पहनने से यह रोग हो सकता है।
  8. कुछ स्त्री-पुरुषों के सिर के बालों में जुएं हो जाती हैं तो भी खुजली होती है
  9. मधुमेह रोगियों में जननांगों के आस-पास खुजली होती है।
  10. किसी चीज से एलर्जी
  11. कई-कई दिन तक स्नान नहीं करने से त्वचा पर धूल-मिट्टी जमने से त्वचा में खुजली की शिकायत हो सकती है
  12. रक्त दूषित होने पर खुजली हो सकती है
  13. पेट में कीड़े (Worm) होने से भी खुजली होती है।
  14. किसी कीड़े का काट लेना जिससे उसका डंक शरीर में रह जाता है
  15. स्किन इन्फेक्शन
  16. रुखा सूखा सा मौसम
  17. किसी गलत साबुन का इस्तेमाल
  18. किसी दवाई से एलर्जी
  19. तनाव
  20. ड्राई त्वचा
  21. धुप की वजह से
  22. फफूंद संक्रमण

दाद, खाज, खुजली होने के लक्षण। Herpes, Eczema, Itching symptom in Hindi

जैसा की हमने पहले ही बता दिया है दाद, खाज, खुजली किसी को भी शरीर के किसी भी हिस्से में सकती है । वैसे इसके मुख्य लक्षण में छोटे छोटे दाने, लाल या काले रंग के चक्कते प्रमुख है ।

नाक की एलर्जी होना– नाक में खुजली , छीकें आना, नाक बहना ,नाक बंद होना या बार-बार जुकाम होना जैसे लक्षण देखनो को मिल सकते है.
आँख की एलर्जी होना- आखों में लालिमा, पानी आना, सूजन, जलन होना, खुजली आदि.
त्वचा की एलर्जी होना- स्किन पर लाल या गुलाबी रंग के चक्कते होना , छोटे – छोटे दाने निकल इत्यादि है .
सम्पूर्ण शरीर की एलर्जी होना- इसमें सारे शरीर पर खुजली, फुंसी और जलन होने लगती है.

दाद, खाज, खुजली का इलाज

Herpes, Eczema, Itching treatment in hindi

Herpes, Eczema, Itching treatment in Hindi | दाद, खाज, खुजली होने के लिए घरेलू उपचार

1. हरड़ :

☆ चकबड़, हरड़ और कांजी को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।
☆ दूब, हरड़, सेंधानमक, चकबड़ और वनतुलसी को लेकर अच्छी तरह से पानी के साथ पीस लें। इसे खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली कुछ ही समय में ठीक हो जाती है।
☆ 2 चम्मच पिसी हुई हरड़ को 2 गिलास पानी में उबालकर छान लें। इस पानी के अन्दर रुमाल को भिगोकर शरीर में जहां पर भी खुजली हो उस भाग को साफ करने से खुजली होना बन्द हो जाती है।

2. सरसों का तेल :

☆ सर्दी के मौसम में ठंड़ी हवा लगने के कारण जब त्वचा सूखी हो जाती है तो उसमें खुजली पैदा हो जाती है। इसको दूर करने के लिये पूरे शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करें और गुनगुने पानी से नहा लें। इससे कुछ ही समय में खुजली दूर हो जाती है।
☆ सरसों के तेल में पानी और चूने को मिलाकर लेप करने से खुजली बिल्कुल समाप्त हो जाती है।

3. तिल्ली :

☆ तिल्ली के तेल और चमेली के तेल को बराबर मात्रा में लेकर खुजली वाली जगह पर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।
☆ 250 मिलीलीटर तिल्ली के तेल में थोड़ी सी दूब (घास) डालकर आग पर पकाने के लिए रख दें। दूब (घास) जब लाल हो जाये तो उसे उतार कर छान लें और इस तेल को खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।

4. अजवायन :

☆ 20 ग्राम अजवायन को 100 मिलीलीटर पानी में उबाल लें और छान लें। शरीर में जहां पर खुजली हो उस भाग को इस पानी से साफ करने से खुजली मिट जाती है।
☆ हल्के गर्म पानी के अन्दर अजवाइन पीसकर लेप करने से खुजली दूर हो जाती है।
☆ जंगली अजवायन को तेल में पका लें और उस तेल को खुजली वाले स्थान पर लगाने से लाभ होता है।

5 . पीपल :

☆ पीपल की छाल को पीसकर देसी घी के अन्दर मिला लें और इसे खुजली वाली जगह पर लगायें। इससे खुजली जल्द ही दूर हो जाती है।
☆ खाज, खुजली के रोग में 50 ग्राम पीपल की छाल की राख तथा जरूरत के अनुसार चूना और घी मिलाकर अच्छी प्रकार से खरल करके लेप करने से लाभ होता है।
☆ पीपल की छाल का 40 मिलीलीटर काढ़ा रोजाना सुबह-और शाम को रोगी को पिलाने से खुजली मिट जाती है।

6 . टमाटर :

☆ रोजाना शाम को 50 ग्राम लाल टमाटर का रस पीने से त्वचा का रूखापन मिट जाता है और खुजली भी दूर हो जाती है।
☆ 1 चम्मच टमाटर का रस और 2 चम्मच नारियल का तेल मिलाकर शरीर पर मालिश करने और फिर गर्म पानी से नहाने से खुजली मिट जाती है।

7 . नींबू :

☆ केले के गूदे को नींबू के रस में मिलाकर खुजली वाली जगह पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।
☆ 20 मिलीलीटर नींबू के रस में 25 ग्राम मुलतानी मिट्टी और 10 ग्राम कालीमिर्च को पीसकर उसका लेप करने से खुजली मिट जाती है।
☆ चमेली के तेल में बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाकर शरीर पर मालिश करने से सूखी खुजली दूर हो जाती है।
☆ चंदन के तेल में नींबू का रस मिलाकर खुजली वाली जगह पर रोजाना 6-7 बार लगाने से खुजली में आराम आता है।
☆ अगर शरीर में दाद, खुजली, गंज हो तो केले के गूदे को पीसकर नींबू के रस में मिला लें और लगायें। इससे खुजली दूर हो जाती है।

8 . नारियल :

☆ नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करने या नींबू को वैसे ही चूसने से खुजली मिट जाती है।
☆ 10 ग्राम पिसी हुई गंधक को 100 मिलीलीटर नारियल के तेल में मिलाकर कई बार खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।
☆ 20 मिलीलीटर नारियल के तेल में 10 मिलीलीटर नींबू के रस को मिलाकर लेप करने से खुजली ठीक हो जाती है।
☆ 100 मिलीलीटर नारियल के तेल को थोड़ा सा गर्म करके उसमें 10 ग्राम कपूर को मिलाकर लगाने से खुजली तुरन्त ही मिट जाती है। कपूर में त्वचा को सुन्न करने का गुण मौजूद होता है।
☆ 50 मिलीलीटर नारियल के तेल में 10 ग्राम कपूर को मिलाकर शरीर पर लेप करने से खुजली मिट जाती है।
☆ 50 मिलीलीटर नारियल के तेल में नींबू के रस को मिलाकर मालिश करने से खुजली में आराम होता हैं।

9. कपूर :

☆ कपूर को चमेली के तेल में मिलाकर शरीर पर मालिश करने से खुजली दूर हो जाती है।
☆ 10 ग्राम कपूर, 10 ग्राम सफेद कत्था और 5 ग्राम सिंदूर को इकट्ठा करके कांसे के बर्तन में डालें और उसमें ऊपर से 100 ग्राम घी डालकर हाथ से मसलकर उसे 121 बार पानी से धोये। इस मरहम को शरीर में खुजली वाले भागों तथा सडे़ गले जख्मों पर लगाने से खुजली ठीक हो जाती है।

10. लहसुन :

☆ लहसुन को तेल में उबालकर शरीर पर लेप करने से खुजली ठीक हो जाती है। लहसुन को खाने से खून भी साफ होता है।
☆ लहसुन की कली को पीस लें और राई के तेल में उबालकर छान लें। इस तेल से मालिश करने से त्वचा की खुजली दूर होती है।

11. सिरस :

☆ सिरस के बीजों को पीसकर चंदन की तरह त्वचा पर लगाने से खाज-खुजली दूर हो जाती है।
☆ सिरस की छाल को पानी में पीसकर दाद पर रोजाना सुबह-शाम लेप करें। इसके फूलों को पीसकर किसी भी शर्बत में 1 चम्मच मिलाकर पीयें। इससे खून साफ होता है और दाद दूर हो जाता है।

12 . आक :

☆ आक के फूलों का गुच्छा तोड़ने पर जो दूध निकलता है उसमें नारियल का तेल मिलाकर त्वचा पर लगाने से खुजली जल्दी दूर हो जाती है।
☆ 100 मिलीलीटर आक का दूध, 400 मिलीलीटर तिल या सरसों का तेल, 200 मिलीलीटर हल्दी चूर्ण और 15 ग्राम मैनसिल ले लें। पहले मैनसिल और हल्दी को पानी में पका लें। फिर दूध मिलाकर लेप सा बना लें। अब इसमें तेल और 2 लीटर पानी मिलाकर गर्म कर लें। इस तेल को लगाने से खाज-खुजली, पामा आदि चर्म रोग दूर हो जाते हैं, इसे अर्श (बवासीर) के मस्सो पर बराबर लगाने से वह सूखकर झड़ जाते हैं।
☆ 10 मिलीलीटर आक (मदार) के दूध में 50 मिलीलीटर सरसों का तेल मिलाकर आग पर पकाने के लिये रख दें। जब पकते-पकते दूध जल जाये तो इसे आग पर से उतारकर बचे हुये तेल से शरीर पर मालिश करने से कुछ ही समय में खुजली बिल्कुल दूर हो जाती है।
☆ 1 लीटर आक के पत्तों का रस, 50 ग्राम हल्दी का चूर्ण और आधा किलो सरसों के तेल को हल्की आग पर पका लें। पकने पर सिर्फ तेल शेष रहने पर छानकर शीशी में भर लें। इसकी मालिश से खाज-खुजली आदि रोग दूर हो जाते हैं। यह 2-4 बूंदे कान में टपकाने से कान का दर्द भी मिट जाता है।
☆ 1 लीटर आक (मदार) के ताजे पत्तों का रस, 2 लीटर गाय का दूध, 6-6 ग्राम सफेद चंदन, लाल चंदन, हल्दी, सोंठ और सफेद जीरा को एकसाथ पीसकर चूर्ण बनाकर 1 किलाग्राम घी में पकाएं। पकने पर सिर्फ घी शेष रहने पर छानकर रख लें। इसकी मालिश करने से खुजली-खाज आदि रोग दूर हो जाते हैं।
☆ 10 लीटर आक के दूध को 50 लीटर सरसों के तेल में पका लें। सिर्फ तेल बाकी रहने पर या दूध के जल जाने पर इसे सुरक्षित रख लें। इस तेल की दिन में 2 बार मालिश करें और 3 घंटे तक स्नान न करें। इससे कुछ दिनों में ही खुजली पूरी तरह से दूर हो जाती है।
☆ आक के 21 पत्तों को 125 लीटर सरसों के तेल में जलाकर फिर उसमें थोड़ा मैनसिल घोट कर रख लें। इसकी मालिश से भी खुजली में पूरा लाभ होता है।
☆ आक का दूध छाया में सुखाकर व कड़वे तेल में मिलाकर मालिश करने से खुजली आदि रोगों में लाभ होता है।
☆ आक (मदार) के 10 सूखे पत्तों को सरसों के तेल में उबालकर जला लें। फिर इस तेल को छानकर ठंड़ा होने पर इसमें कपूर की 4 टिकियों का चूर्ण अच्छी तरह मिलाकर शीशी में भर लें। इस तेल को खाज-खुजली वाले अंगो पर रोजाना 3 बार लगाने से लाभ होता है।

13 . गिलोय :

☆ हल्दी को गिलोय के पत्तों के रस के साथ पीसकर खुजली वाले अंगों पर लगाने से और 3 चम्मच गिलोय का रस और 1 चम्मच शहद को मिलाकर सुबह-शाम पीने से खुजली पूरी तरह से मिट जाती है।
☆ गिलोय के पत्तों के रस में हल्दी मिलाकर शरीर पर लेप करने से खुजली दूर होती है और त्वचा का सौंदर्य भी बढ़ता है।

14. कालीमिर्च :

☆ कालीमिर्च और गंधक को बारीक पीसकर घी में अच्छी तरह खरल करके शरीर पर लगाकर धूप में बैठने से खुजली मिट जाती है।
☆ 10 दाने कालीमिर्च के पीसकर 1 चम्मच घी में मिलाकर रोजाना 2 बार सेवन करने से हर प्रकार की खुजली और जहर का असर खत्म हो जाता है।
☆ 10 ग्राम गंधक और 5 ग्राम कालीमिर्च को लेकर बारीक पीसकर शरीर में जहां पर खुजली हो वहां पर कई बार लगाने से आराम आता है।
☆ कालीमिर्च को तेल में पकाकर रोजाना 2-3 बार खाज-खुजली वाले भागों पर लगाने से लाभ होता है।

15. अजवाइन :

☆ त्वचा के रोग और जख्मों पर अजवाइन का गाढ़ा लेप करने से दाद, खुजली, कृमियुक्त व्रण (कीड़ों के कारण होने वाले जख्म) एवं शरीर के जले हुए भाग ठीक हो जाते हैं।
☆ अजवायन को उबलते हुए पानी में डालकर घावों को धोने से दाद, फुन्सी, गीली खुजली आदि त्वचा के रोगों में लाभ होता है।

दाद, खाज, खुजली होने पर ध्यान रखने वाली बाते । Itching Safety Tips in hindi




  1. अपने शरीर की साफ़ सफाई का विशेष रूप से ख्याल रखे। और साफ़ सुथरे कपडे पहने।
  2. साबुन का इस्तेमाल न के बराबर करे। कॉस्मेटिक चीजे लगाने से बचे।
  3. त्वचा में जब भी खुजली हो तो हाथ से ना खुजाये। कोई मुलायम कपडे का इस्तेमाल करे।
  4. इचिंग होने पर साफ़ सफाई का पूरी तरह से ध्यान रखे।
  5. ठण्ड के मौसम में नहाने से पहले सरसों या तिल के तेल मालिश करे।
  6. खुजली वाली स्किन या त्वचा खरोचे नहीं।
  7. चूंकि यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक शीघ्र पहुंचाता है इसलिय संक्रमित के कपड़े अलग रखकर उनकी गरम पानी से धुलाई करनी चाहिये
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